Thu, 08 06, 2026
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एयरपोर्ट पर खाना महंगा क्यों होता है::

एयरपोर्ट पर खाना महंगा क्यों होता है:मल्टीप्लेक्स में पॉपकॉर्न की कीमत भी ज्यादा; क्या इसकी शिकायत कर सकते हैं

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सोशल मीडिया पर एक रेस्टोरेंट बिल की तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें मैगी की कीमत 193 रुपए लिखी हुई है। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर ट्विटर पर सेजल सूद ने पोस्ट की है। उन्होंने यह मैगी एयरपोर्ट पर खरीदी थी।

क्या आपने कभी सोचा है कि एयरपोर्ट और मल्टीप्लेक्स में हम खाने-पीने की चीजें अक्सर ज्यादा पैसे देकर क्यों खरीदते हैं? बढ़ी हुई कीमत की शिकायत कंज्यूमर फोरम में की जा सकती है या नहीं? आज हम इसी सब्जेक्ट पर बात करते हैं…

सवाल: 70 ग्राम मैगी जिसकी कीमत 14 रुपए है, अगर एयरपोर्ट रेस्टोरेंट में दो पैकेट भी मैगी बनाई गई होगी तो उसकी कीमत 28 रुपए होगी, ऐसे में उसके लिए 193 रुपए का बिल कैसे बना?
जवाब: 
मैगी के 193 रुपए के बिल की वायरल तस्वीर को ध्यान से देखें। उस पर रिसीप्ट नंबर और बिल की डेट है। बिल 16 जुलाई को बना है। बिल में एक मसाला मैगी का चार्ज 184 रुपए लिखा है। इस पर कुल GST 9.20 रुपए लिया गया है। ऐसे में एक मैगी का कुल बिल 193 रुपए बन गया।

सवाल: इस केस में GST तो केवल 9.20 रुपए था, मैगी 193 रुपए की थी, इसके पीछे क्या कारण हो सकता है, क्या बिल तय करने का कोई आधार नहीं होता?
जवाब:
 काेई भी होटल और रेस्तरां कुछ बातों के आधार पर अपने मेन्यू की रेट फिक्स करते हैं। जैसे-

  • जहां आउटलेट है उस जगह की कॉमर्शियल वैल्यू क्या है।
  • उस डिश को क्या कोई प्रोफेशनल बना रहा है।
  • क्या वो डिश उसकी सिग्नेचर डिश है जिसे चखने के लिए ग्राहक को ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
  • उसे बनाने के लिए जो इंग्रीडिएंट्स यूज हो रहे हैं, उनकी क्वालिटी क्या है, वो इम्पोर्टेड तो नहीं हैं।

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