Thu, 08 06, 2026
देश

लोक परीक्षा संशोधन बिल पर आज संसद में चर्चा, सजा और जुर्माने होंगे और सख्त:

स्पीकर ओम बिरला की पहल के बाद टूटा गतिरोध, दोपहर 12 बजे से बहस संभव

post-img

 

नई दिल्ली। सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाए गए 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पर मंगलवार को संसद में चर्चा होने की संभावना है। सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद दोपहर 12 बजे से बिल पर बहस और इसके बाद मतदान कराया जा सकता है।

सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न दलों के नेताओं से बातचीत की, जिसके बाद संसद में जारी गतिरोध खत्म होने के संकेत मिले। इससे पहले विपक्ष ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया था। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी और बिल पर चर्चा नहीं हो सकी।

2024 के कानून में होंगे अहम बदलाव

संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए सजा और जुर्माने को और कठोर बनाया जाएगा। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार मिलेगा, जहां मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।

इन परीक्षाओं पर लागू होगा कानून

यह कानून केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा। इनमें UPSC, SSC, रेलवे भर्ती, बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं, NTA तथा अन्य केंद्रीय भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं।

NEET विवाद के बाद सरकार का बड़ा कदम

सरकार ने यह संशोधन NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बाद लाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कानून को और सख्त बनाने की घोषणा कर चुके हैं। परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है।

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में स्वागत

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार सोमवार को संसद पहुंचे। इस दौरान एनडीए सांसदों ने उनका शॉल और मिथिला पाग पहनाकर स्वागत किया तथा उनके समर्थन में नारे लगाए।

विपक्ष-सरकार आमने-सामने

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर जवाब देना चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के युवा इस बिल पर बहस सुनना चाहते हैं।

अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाली चर्चा और मतदान पर टिकी है, जिसे सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक पर सख्ती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Post