Fri, 08 07, 2026

आज की खबरें

post
सामाजिक

इस बार दिवाली व गोवर्धन के बीच रहेगी सोमवती अमावस्या

इस बार भी पांच दिवसीय दीपोत्सव की बहार छह दिन चलेगी। पिछली बार 2022 में सूर्य ग्रहण के कारण दिवाली उत्सव 5 की जगह 6 दिन चला और इस बार सोमवती अमावस्या...

post
टॉप न्यूज़

चुनाव में मांगे एक हजार से अधिक वाहन, पड़ोसियों से मदद की उम्मीद

विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक दल चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। साथ ही चुनाव आयोग ने भी मोर्चा संभाल लिया है। चुनाव में समय पर वाहन...

post
सामाजिक

लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुति पर मंत्र-मुग्ध हुए विदेशी पावणे

आठवीं सदी में निर्मित विश्व प्रसिद्ध आभानेरी की चांद बावड़ी पर दो दिवसीय आभानेरी फेस्टिवल की शुरुआत लोक कलाओं की प्रस्तुति के साथ हुई। इस दौरान चांद ब...

post
राजस्थान की राजनीति

बहुओं को याद आई सास-ससुर की सेवा और बेटे बन गए श्रवण कुमार

सर, मुझे मेरी 84 वर्षीय सासू मां की देखभाल करनी है,इसलिए मैं चुनाव ड्यूटी नहीं कर पाऊंगी, प्लीज मैरी ड्यूटी निरस्त करवा दीजिए। द्मसाद्यब मैं कैंसर पीड...

post
सामाजिक

खनक रहे डांडिया, गूंज रहे गीत... शहर में गरबा की धूम

शारदीय नवरात्र में गुजरात की संस्कृति से मरुधरा भी सतरंगी हो रही है। सुरीले संगीत और पारम्परिक लोकगीतों पर लोगों के पैर खुद-ब-खुद थिरक उठे। जगह-जगह लो...

post
राजस्थान की राजनीति

कहीं हो रहा मंत्रों का जाप तो कोई करवा रहा गुप्त अनुष्ठान

शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। इसमें आमजन के साथ सियासी दलों के नेता भी मनोयोग से पूजा-अर्चना में जुटे हैं। कई नेताओं ने टिकट व चुनाव में कामयाब...

post
सामाजिक

हमारी थालियों से गायब होता सेहत बनाने वाला मोटा अनाज

अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष (2023) में मोटे अनाज को लेकर जागरूकता बढ़ी है। हर साल 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस (वर्ल्ड फूड डे) मनाया जाता है। आज हम...

post
टॉप न्यूज़

चुनाव की तारीख तो आगे बढ़ी...बाबुल को अब भी बेटी के ब्याह की चिंता

शादियों के सीजन को देखते हुए भले ही निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तिथियों में बदलाव कर दिया हो, लेकिन शादी समारोह वाले परिवारों की चिन्ता कम नहीं हुई है।...

post
टॉप न्यूज़

संरक्षण के अभाव में दम तोड़ रहे दुर्लभ प्राणी, जंगल कटने से नहीं बचे आवास

वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र में विचरण कर रहे दुर्लभ मरुस्थलीय वन्य प्राणी संरक्षण के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। ग्लोबल वोर्मिंग के कारण बदलते जलवायु परिवेश...

post
टॉप न्यूज़

आज भी किराये की दुकान में संचालित बड़ीखाटू का ब्रिटिशकालीन डाकघर

रियासतकालीन समय में बड़ीखाटू नागौर जिले का सबसे बड़ा कस्बा रहा है। आजादी से पहले ब्रिटिश काल में अंग्रेजों ने सूचनाएं आगे से आगे पहुंचाने के लिए बड़ीख...