नवरात्र की अष्टमी पर बाला किला स्थित करणी माता मंदिर पर श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा उमड़ी। हालत यह हो गई कि मंदिर परिसर में लोगों को पांव रखने की जगह तक नहीं बची। माता के दर्शन के लिए लोगों को लंबी कतार में लगी रही। रविवार को राजकीय अवकाश होने के कारण मेला परवान पर रहा। सुबह से ही करणीमाता मंदिर पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। लंबी कतार के चलते मंदिर पर भक्तों को दर्शनों के लिए करीब तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। मंदिर परिसर में दिनभर करणी माता के जयकारे गूंजते रहे।
करणीमाता मेले में हरियाणा, यूपी, दिल्ली, जयपुर सहित अन्य शहरों से भी श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए आए। भीड़ के कारण दर्शनों के लिए गए श्रद्धालु देर शाम तक लौटते रहे। प्रशासन की ओर से शाम 6 बजे बाला किला क्षेत्र में प्रवेश बंद कर देने से दिन में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे।
पहाडों से वापस लौटे लोग:
मेले में भीड़ ज्यादा होने के कारण श्रद्धालुओं का मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया। मंदिर परिसर में भीड का रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। ऐसे में बहुत से श्रद्धालु पहाड़ी के रास्तों से उतरकर वापस माता के दर्शनों तक पहुंचे। भीड़ के चलते कई बच्चे भी परिजनों से बिछुड़ गए। बच्चों का रो- रोकर बुरा हाल हो रहा था। परिजन भी बच्चों को खोजते नजर आए।
मेले के इंतजामों की खुली पोल: मेले में अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे, लेकिन प्रशासन की ओर से भीड़ को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। जिसके चलते सुबह से ही दोपहिया वाहनों पर श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंच गए, अधिक वाहनों के आने से करणी माता मंदिर के बाहर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ऐसे में पुलिस ने दोपहर बाद दोपहिया वाहनों का भी प्रवेश बंद करवा दिया। पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं था।
पानी के लिए तरसे श्रद्धालु: नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था के लिए लगाए गए कचरे के वाहन व पानी के टैंकर भीड़ के चलते मंदिर तक नहीं पहुंच पाए, जिससे श्रद्धालु पानी के लिए तरसते रहे।
भंडारा और पानी का पूरा इंतजाम : मेले के चलते रामायणी हनुमान मंदिर से लेकर प्रतापबंध चौकी, प्रतापबंध चौकी से लेकर करणी माता मार्ग में जगह- जगह पर भंडारे लगाए गए थे जिसमें हलवा पुरी, कढ़ी चावल, सब्जी पूरी, हलवा छोले आदि का प्रसाद वितरित किया जा रहा था। इसमें श्रद्धालुओं के खाने पीने की कोई परेशानी नहीं रही।
