Thu, 08 06, 2026
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आस्था पर महंगाई की मार, मेवे के दाम में बढ़ोतरी बनी परेशानी:

पिछले दो सालों के मुकाबले में इस बार पूजा सामग्री की कीमतों में बढ़ोत्तरी

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नवरात के चलते बाजार में मेवे, पूजा सामग्री के अलावा किराना की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढऩे लगी है। मगर, व्रत रखने वालों की जेब पर मेवे के दाम भारी पडऩे लगे हैं। एक माह में ही मेवे के दाम 20 से 25 फीसदी बढ़ गए हैं।
एक माह के भीतर मखाना के दाम में 100 रुपये प्रतिकिलो की तेजी आई है। जो मखाना 700-750 रुपये प्रति किलो था, अब 800-850 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। यही हाल किशमिश, बादाम का भी है। कारोबारियों के अनुसार, मेवे के दामों में 15-25 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो चुकी है। नवरात्र में कीमतें बढऩे से दुकानों में इसका असर देखा जा रहा है। महंगाई के चलते श्रद्धालु जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं। मेवे के कारोबारी ने बताया कि इस साल मखाने की पैदावार कम हुई है। इससे इसके दाम में 100 रुपये प्रतिकिलो तक तेजी है। उधर ऑनलाइन खरीदारी के कारण थोक और खुदरा बाजार पर इसका असर है। फुटकर कारोबारी ने बताया कि त्योहार करीब आते ही सूखे मेवे के दाम बढ़ गए हैं। मखाना, गरी का गोला आदि के दाम एक माह के दौरान कुछ ज्यादा ही बढ़े हैं।
एक अन्य दुकानदार राजेश शर्मा ने बताया कि सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा आदि के भावों में भी बढोत्तरी हुई है। दुकानदार रवि सैनी व कमल छाजेड़ ने बताया कि पिछले दो सालों के मुकाबले में इस बार पूजा सामग्री की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने के कारण ग्राहकों में निराशा है। जिसके कारण ग्राहक विशेष जरूरत का सामान खरीद रहे है। धीरे-धीरे बाजारों में रौनक लौटने की संभावना है।

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