Thu, 08 06, 2026
देश

आस्था का केंद्र श्री सांचीयाव माता मंदिर, नवरात्रा में भक्त बनाते है घी से माता की प्रतिमा:

घी से निर्मित प्रतिमाओं के दर्शन के लिए जिले सहित अन्य प्रांतों के श्रद्धालुओं का लगता है तांता

post-img

सिरोही जिला मुख्यालय से महज 16 किमी. दूरी पर जावाल में जगत जननी आद्यशक्ति मां साचियाव माता मंदिर स्थित है। यहां जन भावनाओं को देखते हुए श्री चामुंडा गरबा मंडल की स्थापना करीब तीस वर्ष पूर्व हुई। इस दौरान नवरात्रि गरबों का शुम्भारम्भ हुआ था। जो आज तक लगातार देवी देवताओं के स्वांग में गरबा नृत्य हो रहे है।

नवरात्रा मंडल के अनुसार महोत्सव में पच्चीस साल से अलग-अलग देवी देवताओं की घी से प्रतिमा बनाई जाती है। घी से बनी प्रतिमाओं को वातानुकूलित तैयार किए गए पांडाल में स्थापित किया जाता है। जहां रोजाना सुबह शाम पूजा की जाती है। घी की प्रतिमाएं बनाने के लिए कुशल कारीगरों की टीम गुजरात के खेड़ा जिले के आणंद कस्बे से आकर करीब 5 दिनों की कड़ी मेहनत से प्रतिमाएं तैयार करती है। घी से निर्मित प्रतिमाओं के दर्शन के लिए जिले सहित अन्य प्रांतों के श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। जो महोत्सव में आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।

मण्डल ने यह कराए विकास कार्य

श्री चामुंडा गरबा मण्डल की स्थापना होने के बाद भामाशाह के सहयोग से कस्बे के साचियाव माता मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, ठाकुरजी मंदिर सहित कई मंदिरों के भव्य जीर्णोद्धार करवाने के साथ ही सामाजिक कार्यों में अपनी अलग भूमिका निभाई। वर्तमान में गोवंश सुविधाओं के लिए नंदी शाला निर्माण करवाया जा रहा है । जहां नंदियों को सुरक्षित रखा जाएगा। जिसमें नन्दियों के लिए चारे-पानी व रहने की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी, जिसका कार्य प्रगति पर है और बहुत जल्द नन्दी शाला का शुभारंभ हो जाएगा। साथ ही मण्डल के द्वारा कोरोना काल हो या गोवंश में फैली भयावह लम्पी बीमारी, चामुंडा गरबा मंडल के कार्यकर्ताओं ने स्वयं सेवा देकर व प्रशासन का सहयोग कर राहत पहुंचाई है। लम्पी बीमारी में घुमंतू सहित पशु पालकों को गांव-गांव ढाणी-ढाणी जाकर मेडिकल किट वितरित किए। मंडल के कार्यकर्ताओं के कार्य को देखकर भामाशाह भी दिल खोलकर सहयोग कर रहे है।

Related Post