इस बार भी पांच दिवसीय दीपोत्सव की बहार छह दिन चलेगी। पिछली बार 2022 में सूर्य ग्रहण के कारण दिवाली उत्सव 5 की जगह 6 दिन चला और इस बार सोमवती अमावस्या के कारण 6 दिन यह पर्व चलेगा। जिले में दिवाली को लेकर जोरदार उत्साह है। बाजार में भी बहार है। शहरों से लेकर गांवों तक अभी से खुशियां छा रही है। दुकानदार ग्राहकों की मांग के अनुसार वस्तुएं मंगवा रहे हैं। दिवाली का महापर्व धनतेरस से लेकर भैया दूज तक चलता है। अमूमन यह दीपोत्सव पांच दिन का होता है, लेकिन इस बार छह दिन का होगा। महालक्ष्मी के पूजन का महापर्व दिवाली इस बार अंचल में 12 नवम्बर रविवार को मनाया जाएगा । पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार चतुर्दशीयुक्त अमावस्या प्रदोष कालीन होने से दिवाली का पर्व रविवार 12 नवम्बर को मनाया जाएगा। दिवाली प्रदोष कालीन और निशीथकालीन अमावस्या में मनाना शास्त्र सम्मत रहता है। इस दिन अमावस्या तिथि दोपहर 2:44 से शुरू होगी जो सोमवार 13 नवम्बर को दोपहर 2:56 तक रहेगी।
13 नवम्बर को सोमवती अमावस्या
13 नवम्बर सोमवार को अमावस्या तिथि दोपहर 2:56 तक होने से इस दिन उदयकालीन सोमवती अमावस्या रहेगी। सोमवती अमावस्या पर दान पुण्य का दौर चलेगा। महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के साथ पीपल के पेड़ का पूजन कर सोमवती अमावस्या की कहानी सुनेंगी । शेखावाटी में सबसे ज्यादा श्रद्धालु लोहार्गल के सूर्य कुंड में उमड़ेंगे। यहां पवित्र सूर्य कुंड में स्नान करेंगे। इसके अगले दिन मंगलवार 14 नवम्बर को अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजा का आयोजन होगा। प्रतिपदा तिथि मंगलवार 14 नवम्बर को दोपहर 2:37 तक रहेगी। उदयकालीन प्रतिपदा तिथि होने से मंगलवार को अन्नकूट महोत्सव मनेगा । महिलाएं अल सुबह घर के आंगन में गोबर के गोवर्धन बनाकर पूजा अर्चना करेगी। अनेक जगह शाम को पुरूष गोवर्धन की पूजा करेंगे। घर से लेकर मंदिरों तक गोवर्धन पूजा का दौर चलेगा। ठाकुर जी के छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाकर भक्तों को वितरित किया जाएगा।
भाई दूज 15 को
15 नवम्बर बुधवार को भाई दूज तिथि दोपहर 1:50 तक रहेगी। उदय कालीन द्वितीया तिथि बुधवार को होने से इसी दिन भैया दूज का पर्व भी मनाया जाएगा। बहनें अपने भाई के तिलक लगाकर मुंह मीठा कराएंगी। इसे यम द्वितीया और भ्रातृदितिया भी कहते हैं। इस दिन यमुना स्नान करने का महत्व है।
