सीकर। जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में मंगलवार रात एक महिला ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना लक्ष्मणगढ़ के बासनी रेलवे फाटक के पास हुई, जहां जयपुर-चूरू पैसेंजर ट्रेन के सामने कूदने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेन करीब 20 मिनट तक घटनास्थल पर खड़ी रही। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
ग्रामीण सेवा शिविर से लौटने के दो घंटे बाद घर से निकलीं
लक्ष्मणगढ़ शहर चौकी प्रभारी बालूराम ने बताया कि मृतका लक्ष्मी मीणा (25) भरतपुर की रहने वाली थीं और लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति कार्यालय के सामने अपने भाई के साथ किराए के मकान में रहती थीं। वह सिंगोदड़ा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के पद पर कार्यरत थीं।
मंगलवार को लक्ष्मी ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। शाम करीब 6 बजे वह एक पटवारी और दो अन्य सहकर्मियों के साथ घर लौटीं। करीब दो घंटे बाद रात 8:15 बजे वह घर से निकलीं और करीब एक किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर जयपुर-चूरू पैसेंजर ट्रेन के सामने कूद गईं।
मौके पर ही हुई मौत, ट्रेन 20 मिनट तक रुकी रही
ट्रेन की चपेट में आने से लक्ष्मी मीणा की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और पंचायत विभाग के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। शव को एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। घटना के कारण जयपुर-चूरू पैसेंजर ट्रेन करीब 20 मिनट तक घटनास्थल पर खड़ी रही।
सहकर्मियों ने बताया- पूरे दिन व्यवहार था सामान्य
शिविर के प्रशासक महेश ढेवा और अन्य सहकर्मियों के अनुसार, पूरे दिन शिविर के दौरान लक्ष्मी का व्यवहार सामान्य था और उन्होंने किसी तरह की परेशानी के संकेत नहीं दिए थे। उनके इस कदम से विभागीय कर्मचारी और परिचित स्तब्ध हैं।
आत्महत्या के कारणों की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि अभी तक आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। घरेलू, व्यक्तिगत और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों के लक्ष्मणगढ़ पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी।
