Thu, 08 06, 2026
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सामाजिक समरसता का प्रतीक है टोंक की रामलीला:

1969 से हो रहा रामलीला का मंचन

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हिन्दू-मुस्लिम एकता के अनगिनत किस्से टोंक शहर में सुनने को मिल जाएंगे। इनमें से नवरात्र में रामलीला का मंचन भी एकता का प्रतीक है। रियासत काल से ही टोंक गंगा-जमुनी व हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए जाना जाता रहा है। इसके कई प्रमाण आज भी मौजूद है।
इसी कड़ी में शहर के प्रतिष्ठित व सनातनधर्मी कर सलाहकार सीताराम अग्रवाल के छोटे से निवेदन पर नगर परिषद के तात्कालीन चेयरमैन रहे ईदमोहम्मद ने सन 1967 में गांधी पार्क में रामलीला रंगमंच का निर्माण करवा साम्प्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया था। इतना ही नही ईद मोहम्मद के इंतकाल के बाद भी इनके पुत्र निजामुदद्ीन व पौत्र दो बार नगर परिषद चेयरमैन रहे मोहम्मद अजमल व मोईनुदद्ीन निजाम की ओर से भी रामलीला के अलावा शारदीय पूर्णिमा पर टोंक से डिग्गी कल्याण के लिए जाने वाली पदयात्रा व अन्य प्रकार के आयोजनों पर मदद की जाती रही है। रंगमंच निर्माण के बाद सन 1967 से यहां पर कई उतार-चढ़ाव के बीच हर शारदीय नवरात्र में भगवान राम की नौ दिनों तक लीलाओं का मंचन किया जाता रहा है।
आज से शुरू होगी रामलीला
नवरात्र के पहले दिन रविवार शाम रामलीला मैदान पर गणेश वंदना और श्रीरामचरित्र मानस की पूजा-अर्चना के बाद नारद मोह का आयोजन होगा। सोमवार को दशरथ प्रतेष्ठि व श्रीराम जन्म, मंगलवार को मुनि आगमन, ताडक़ा, मारिच सुबाहु वध, व अहिल्या उद्धार, बुधवार को रावण बाणासुर संवाद, धनुष भंग, श्री परशुराम लक्षमण संवाद होगा।
समिति व परिषद कराती है आयोजन : टोंक में रामलीला-दशहरा महोत्सव समिति व नगर परिषद ओर से इसका आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता रहा है। साथ ही राम-सीता विवाह के दिन राम बारात व दशहरा पर यज्ञ के बालाजी से रवाना होकर शोभायात्रा के रूप में रामजी जी सेना रावण दहन स्थल पर अहंकारी रावण के साथ कुंभकर्ण, मेघनाद व लंका के पुतलों के दहन आदि का आयोजन किया जाता रहा है। वर्ष 2008 के नगर परिषद बोर्ड से पूर्व महज भरत मिलाप ही होता था। लेकिन तब चेयरमैन रहे मोहम्मद अजमल ने राम यात्रा की शुरुआत की। तब से यह निकाली जा रही है।
दशहरा के अगले दिन भरत मिलाप व रामराज्याभिषेक का भव्य आयोजन किया जाता है। इसके लिए शहर के मंशापूर्ण महादेव व यज्ञ के बालाजी मंदिर परिसर से भगवान राम दरबार की बैडण्बाजों की मधूर धुनों पर शाही लवाजमे के साथ शोभा यात्रा निकाली जाती है। शोभायात्रा के बड़ा कुआं क्षेत्र में पहुंचने पर मंच भरत मिलाप का समारोह आयोजन किया जाता है। शोभा यात्रा यहां से रवाना होकर जवाहर बाजार, काफला बाजार, सुभाष बाजार होते हुए देर रात तक शहर के घंटाघर पहुंचने पर यहां बनाए गए विशाल मंच पर भगवान राम का राज्याभिेषेक कर राम दरबार सजाया जाता है। भरत मिलाप व राज्याभिषेक देखने के लिए दोनों ही जगह देर रात तक बाजार में मकानों व दुकानों की छतों पर शहर सहित हजारों की तादाद में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए महिला-पुरुष सहित बच्चें भी इस पावन आयोजन के साक्षी बनते हैं।

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