मौसम में ठंडक की हल्की मिठास घुलते ही जलाशयों पर देसी विदेशी परिंदों की चहचहाट बढ़ने लगी है। इन दिनों बड़ी संया लेसर विस्लिंग टील ने तालाब शाही के पास खेतों में भरे पानी में डेरा डाला हुआ है। हिंदी भाषा में इस जलीय पक्षी को छोटी सिल्ही भी कहते हैं। बतख की यह प्रजाति भारत के लगभग सभी हिस्सों में पाई जाती है। जब यह पक्षी उडते हैं तो एक खास प्रकार की सीटी जैसी आवाज निकालते है। जिस कारण इसका नाम व्हिसलिंग डक पड़ा है। यह एक स्थानीय पक्षी है, जो मौसम अनुसार इधर-उधर प्रवास करते हैं।
