Thu, 08 06, 2026
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बाबा रामदेव के दादागुरु बालक नाथ महाराज की तपोस्थली जुंजाला:

मन्नत पूरी करने के लिए रामदेवरा जातरू देते जात, वामन अवतार के चरण के दर्शन को लगता तांता

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राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर स्थित जुंजाला गांव लोकदेवता बाबा रामदेव के दादागुरु बालकनाथ महाराज की तपोस्थली माना जाता है। दंत कथाओं व क्विंदती के अनुसार यहां बाबा रामदेव के दादा गुरु बालक नाथ महाराज ने तपस्या की थी। इसी कारण रामदेवरा जाने वाले जातरू मन्नत पूरी करने के लिए लौटते समय यहां दर्शन कर परिक्रमा अवश्य लगाते हैं। जानकारी के अनुसार दानवीर राजा बली की परीक्षा के लिए स्वयं भगवान विष्णु वामन रूप धारण कर आए और तीन कदम भूमि दान में मांगी। जब राजा बली ने तीन कदम भूमि दान देने का संकल्प ले लिया तो वामन रूप भगवान विष्णु ने विराट रूप धारण कर तीन कदम में पूरी पृथ्वी नाप ली। उस समय एक चरण जुंजाला रखा था। जिसका चरण चिह्न आज भी मन्दिर में सुरक्षित व पूजा जा रहा। जिसके दर्शन के लिए पूरे भाद्रपद मास व दूसरे नवरात्रा को यहां श्रद्धालु पहुंच रहे। जुंजाला के गुसाई महाराज मन्दिर में वर्ष में दो बार द्वितीय नवरात्रा को मेला लगेगा। इस बार भी रविवार को जागरण व सोमवार को मेले का आयोजन होगा। जिसमें खिलौने, सौंदर्य प्रशाधन, मिट्टी के बर्तन, कृषि उपयोगी सामान, कृषि औजार जैई, कुदली, कस्सी, फावड़ा आदि की खरीदारी कर सकेंगे।
जुंजाला के गुसाईं महाराज मन्दिर में दर्शन के लिए बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, गंगानगर जिलों से बड़ी संख्या में पैदल जातरू संघ आएंगे। बसों व अन्य वाहनों से भी बड़ी संख्या में जातरू आएंगे।
जुंजाला के गुसाईं महाराज मन्दिर जन आस्था का केन्द्र है। यहां वामन अवतार भगवान विष्णु का चरण चिह्न व बाबा रामदेव के दादा गुरु बालक नाथ महाराज की तपोस्थली भी मानी जाती है।
जुंजाला के गुसाईं महाराज मन्दिर में साल में दो बार द्वितीय नवरात्रा को मेला भरता है। यहां भादवे के महीने में रामदेवरा जाकर लौटने वाले जातरू दर्शन करने आते हैं।


 

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