फेस्टिव सीजन में बाजार में रौनक धीरे-धीरे बढ़ रही है। लोग सोना-चांदी, वाहन-मकान के साथ मित्रों-रिश्तेदारों को देने के लिए गिफ्ट खरीद रहे हैं। नवरात्र से ही खरीदारी में रुझान दिख रहा है। दिवाली गिफ्टिंग का ट्रेंड बदल रहा है। इसमें लाइफस्टाइल के साथ खान-पान से जुड़े उपहार की खरीदारी बढ़ रही है।
अर्थव्यवस्था पर काफी असर
कोरोना संक्रमण काल में अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा। धीरे-धीरे दुनियाभर में बदलाव हो रहा है। कारोबार और परम्परानुसार दिवाली हमारा सबसे बड़ा पर्व है। पिछले पांच-छह साल में खरीदारी के ट्रेंड में काफी बदलाव हुआ है। गिफ्ट खरीद की औसत रेंज और ट्रेंड भी परिवर्तित हुआ है।
प्रो. एन. आर. चौधरी, मैनेजमेंट-टूरिज्म एंड हॉसपिटेलिटी विभाग, जामिया मिलिया
कम ऑयल, शुगर फ्री का क्रेज
गिफ्ट की खरीदारी में लोगों का क्रेज बदल रहा है। लोग अब पारंपरिक मिठाइयों की जगह शुगर फ्री चॉकलेट, केक, पेस्ट्री खरीदना पसंद कर रहे हैं। कम ऑयल वाली नमकीन, कम मसालों वाले स्नेक्स की मांग ज्यादा बढ़ रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल गिफ्ट की खरीदारी में 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है।
500 से 2 हजार तक खरीदारी
बीते दो-तीन साल में लोगों की औसत खरीदारी रेंज भी बढ़ी है। फेस्टिव सीजन में पहले 500 रुपए तक उपहारों-मिठाई, नमकीन की खरीदारी होती थी। अब यह रेंज 500 से 2 हजार रुपए तक पहुंच रही है। शादी-समारोह के अवसरों पर रेंज 2 से 4 हजार रुपए तक पहुंच रही है।
सेहत का ख्याल पहले
दिवाली पर गुलाब जामुन, लड्डू, बर्फी, मावे से निर्मित मिठाइयां गिफ्ट करने का प्रचलन था। पिछले पांच-सात साल में यह ट्रेंड बदल रहा है। लोग तरह-तरह की ड्राई फ्रूट चॉकलेट, ड्राई फ्रूट कुकीज और नमकीन गिफ्ट करना पसंद कर रहे हैं। उपखंड-छोटे शहरों भी शुगर फ्री चीजों की मांग बढ़ रही है। लोग मिठाइयों की जगह 20 से 30 प्रतिशत तक शुगर फ्री और स्वास्थ्यवर्द्धक चीजें ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं।
