Thu, 08 06, 2026
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एक ही तेल का कई बार हो रहा प्रयोग, यह आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़:

बार-बार उपयोग से काला पड़ जाता है तेल, हानिकारक तत्व हो जाते हैं पैदा

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 बाजार में धड़ल्ले से एक ही तेल का बार-बार उपयोग किया जा रहा है। होटलों ही नहीं, ठेलों पर समोसे-कचौरी और भजिए सहित अन्य तली हुई वस्तुएं बेचने वाले शुद्ध तेल का उपयोग कम ही कर रहे हैं। ज्यादातर व्यवसायी व दुकानदार एक ही तेल को बार-बार तलने के लिए उपयोग में ले रहे हैं। जले हुए तेल में तली हुई वस्तुओं के सेवन से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों का इस ओर ध्यान तक नहीं है।
चुनिंदा दुकानदारों को छोड़ दिया जाए तो इस व्यवसाय से जुड़े लोग धड़ल्ले से एक ही तेल को बार बार गर्म करके उसमें से कचौरी और समोसे तल रहे हैं। खाद्य विशेषज्ञों की मानें तो तेल को दो से ज्यादा बार तेज आंच में गर्म करने पर वह सेहत के लिए नुकसानदायक हो जाता है। तेल में मौजूद सैचुरेटेड फैट लिवर पर जमा हो जाता है, इससे गंभीर बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। नियमानुसार दो बार से अधिक गर्म किए हुए तेल को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लेकिन दुकानदार इसका उपयोग कई बार कर रहे हैं। इस तरह के तेल में बने खाद्य पदार्थों को खाने से सेहत पर हानिकारक असर पड़ सकता है।
यह हैं प्रावधान
सरकार द्वारा तेल के उपयोग के संबंध में रुको (आरयूसीओ) अभियान चला रखा है। इसके तहत कोई भी दुकानदार एक ही तेल को अधिकतम दो बार ही गर्म करके उपयोग में ले सकता है। ज्यादा गर्म करने पर तेल का टीपीए बढ़ जाता है। टीपीए 25 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। तेल को दो बार से ज्यादा गर्म करने पर वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
खाद्य तेल का नहीं किया जाना चाहिए बार-बार उपयोग
खाद्य तेल का अत्यधिक उपयोग नमकीन बनाने और अन्य बड़ी औद्योगिक इकाइयों में किया जाता है। खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार तेल का उपयोग प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर फूड चैन में बार-बार नहीं किया जाना चाहिए। बार-बार काम में लेने पर यह काला पड़ जाता है और उसमें हानिकारक तत्व पैदा हो जाते हैं।
तेल बार-बार गर्म करने से इसमें मौजूद तत्व खाने में चिपक जाते हैं और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाते हैं। ऐसे खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। साथ ही एसिडिटी, दिल की बीमारी, अल्जाइमर और पार्किसंस समेत तमाम बीमारियों की आशंका बनी रहती है। कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने से मोटापा, हार्ट की बीमारी का भी खतरा बढ़ता है।

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