Fri, 08 07, 2026
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भाई के निधन का सदमा नहीं सह सकी बहन, एक घंटे बाद तोड़ा दम:

सवाई माधोपुर के दो गांवों में पसरा मातम, 87 वर्षीय भाई और 83 वर्षीय बहन का एक ही दिन निधन

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सवाई माधोपुर। जिले की खंडार तहसील में भाई-बहन के अटूट स्नेह का मार्मिक उदाहरण सामने आया। यहां 87 वर्षीय भाई के निधन की खबर सुनते ही 83 वर्षीय बहन गहरे सदमे में चली गईं और करीब एक घंटे बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। एक ही दिन और महज एक घंटे के अंतराल में भाई-बहन की मौत से दोनों गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार 11 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे कटार गांव निवासी हरफूल गुर्जर (87) नहाने के बाद घर के आंगन में चारपाई पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार वे पूरी तरह स्वस्थ थे और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं थे।

हरफूल गुर्जर के निधन की सूचना करीब पांच किलोमीटर दूर सोनकच्छ गांव में रहने वाली उनकी बहन फूला देवी (83) को दी गई। भाई के निधन की खबर सुनते ही वह गहरे सदमे में चली गईं। परिवार के लोगों ने उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने का प्रयास किया। इस दौरान रिश्तेदारों ने उन्हें लूगड़ा भेंट किया और भगवद्गीता का 12वां अध्याय भी सुनाया।

हालांकि, भाई के निधन की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद फूला देवी ने भी दम तोड़ दिया।

क्षेत्र में शोक की लहर

एक घंटे के भीतर भाई-बहन की मौत की खबर से कटार और सोनकच्छ सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने दोनों परिवारों के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में भाई-बहन के बीच ऐसा भावनात्मक रिश्ता विरले ही देखने को मिलता है।

परिवार की पूरी पीढ़ी हुई समाप्त

परिजनों ने बताया कि हरफूल गुर्जर और फूला देवी सहित परिवार में कुल पांच भाई-बहन थे। समय के साथ सभी का निधन हो चुका है और अब इस पीढ़ी का कोई भी भाई-बहन जीवित नहीं बचा है। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए भावुक कर देने वाली बन गई।

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