Thu, 08 06, 2026
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आटे-दालों के भावों में उछाल, प्याज निकाल रहा आंसू:

त्योहारी सीजन : रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी, लोगों के लिए पेट भरना अब चुनौती से कम नहीं

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विधानसभा चुनावी रंगत व त्योहारी सीजन के बीच सुरसा के मुहं की तरह बढ रही महंगाई रसोई का जायका बिगाड़ रही है। गेंहू, आटा, चीनी व अन्य कृषि जिंसों के बीते एक पखवाड़े में बढ़े दामों ने घरों में थाली का वजन हल्का कर दिया है। लोगों का ध्यान अब सेहत की बजाय महंगाई के घटने पर है। दिनों दिन बढ रही मंहगाई को लेकर आधी आबादी का कहना है कि रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढने से घर का बजट बिगड़ रहा है। त्योहार का महिना है ऐसे में घर चलाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। चुनाव का समय है, जिम्मेदारों को महंगाई कम करने पर गंभीरता दिखानी चाहिए। सबसे बड़ी परेशानी गेंहू, चावल, चीनी व आटे के भाव बढने से हो रही है। इधर, आम आदमी की थाली में सजने वाली दालों के भावों ने भी चिंता बढा दी है।
गेंहू - चावल ने बढ़ाई चिंता
चावल के थोक व्यापारी हरिप्रसाद भालेरीवाला ने बताया कि चावल के थोक भावों में बढोतरी हुई है। आम आदमी की थाली में सजने वाली खिचड़ी के चावल 28 से बढकर 32 रूपए प्रतिकिलो हो गए हैं। इसके अलावा चावल स्टीम 33 से बढकर 40 रूपए प्रतिकिलो हो गए हैं। इधर, बासमती 90 से 110 व गोल्डन सेला 90 से 102 रूपए प्रतिकिलो के थोक भावों में बिक रहे हैं। व्यापारी बजरंगलाल जालान ने बताया कि जो गेंहू 15 दिन पहले 23 सौ प्रति क्विंटल बिक रहे थे, उनके दाम अब बढकर 3 हजार पहुंच गए हैं। वहीं गेंहू का आटा 27 रूपए से बढकर 33 रूपए प्रतिकिलो तक पहुंच गया है। चीनी भी 40 से बढकर 43 रूपए प्रतिकिलो बिक रही।
एक पखवाड़े में भावों में आया उछाल
शहर में दालों के थोक व्यवसायी प्रमोद भावसिंहका ने बताया कि बीते एक पखवाड़े में दालों के भावों में 20 से 40 रूपए तक का उछाल आया है। 15 दिनों पहले जहां उड़द दाल के भाव 100 रूपए थे। वहीं अब 120 रूपए प्रतिकिलो के भाव से बिक रही है। चना दाल 55 से बढकर 75 हो गई है। मूंग मोगर 90 से बढकर 110 बिक रहा है। अरहर दाल 120 से 160 पहुंच गई है। राहत की बात ये है कि मसूर व मोठ की दाल के भाव अभी तक 80 रूपए प्रतिकिलो ही चल रहे हैं।

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