राजस्थान में विशेष पहचान रखने वाला कुरजां पक्षियों का झुंड डीडवाना पहुंचा है। कुरजां को राजस्थानी गीतों में संदेश वाहक पक्षी बताया गया है। कुरजां पक्षी सर्दी की शुरुआत से पहले मारवाड़ क्षेत्र में खींचन, फलोदी और आसपास के क्षेत्रों में आना प्रारंभ कर देते हैं। डीडवाना में भी अक्टूबर माह में इस पक्षियों के झुंड नजर आते हैं। अपने माइग्रेशन रूट में यह पक्षी डीडवाना में विश्राम स्थली के तौर पर प्रवास करते हैं। इनके रुकने वाली जगहों पर चुगा-पानी (खाद्य सामग्री) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाएं तो कुरजां डीडवाना में पूरी सर्दियों में ठहराव कर सकती है। डीडवाना में यह पक्षी 30 से 40 दिन तक अनुकूल परिस्थितियों होने पर प्रवास करते हैं, लेकिन खीचन और फलोदी क्षेत्र में पूरी शीतकालीन अवधि में ठहराव करते हैं। इन दिनों डीडवाना क्षेत्र में पानी में कलरव करते और आसमान में एक साथ परवाज भरते कुरजां पक्षियों का झुंड आंखों को काफी मोहक लग रहा है।
