Thu, 08 06, 2026
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अबू धाबी से तीन माह बाद गांव पहुंचा राकेश का पार्थिव शरीर, मातम में डूबा पूरा गांव:

संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

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झुंझुनूं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले झुंझुनूं जिले के मंड्रेला क्षेत्र के बेगूं का बास निवासी राकेश कुमार (30) का पार्थिव शरीर करीब तीन माह बाद शुक्रवार को एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों के अनुसार, राकेश 6 अक्टूबर 2025 को परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से कर्ज लेकर रोजगार के लिए अबू धाबी गए थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए। परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा होने के कारण उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

राकेश की मौत 22 अप्रैल 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। परिजनों का आरोप है कि संबंधित कंपनी और भारतीय दूतावास की ओर से कई महीनों तक मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। तीन महीने बाद शव गांव पहुंचने पर मां बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं, जबकि बुजुर्ग दादी अपने पोते की मौत का कारण पूछते हुए बिलखती रहीं। यह मार्मिक दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।

राकेश के साथ काम करने वाले कपिल ने बताया कि जब राकेश दो दिनों तक कमरे पर नहीं लौटे तो कंपनी को इसकी सूचना दी गई। आरोप है कि कंपनी अधिकारियों ने संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए कहा कि "यहां 20 हजार कर्मचारी हैं, किस-किस का ध्यान रखें।"

मृतक के मामा सुरेंद्र कुमार न्योला ने आरोप लगाया कि पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार से पार्थिव शरीर को भारत लाने का खर्च भी वसूला गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

परिजनों ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल तथा जनप्रतिनिधियों से कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली।

अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से राकेश की मौत की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित कंपनी से उचित मुआवजा दिलाने तथा विदेशों में कार्यरत भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और कड़े कानून लागू करने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

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