धनतेरस- दिवाली पर सर्वाधिक बिक्री चांदी के सिक्के और लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों की होती है। इस बार नया इनमें बदलाव देखने में आ रहा है। बाजार में इस बार एक्स्ट्रा फिनिशिंग वाली लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां आई है। इनकी खासियत यह है कि ये मूर्तियां उभरी हुई दिखाई देती है। साथ ही नग वाले चांदी के लक्ष्मी गणेश और लाइटवेट मूर्तियां भी आई हुई हैं।
सुपर होलो की मूर्तियों की मांग: सर्राफा व्यापार कमेटी के अध्यक्ष दीपक गर्ग ने बताया कि पहले दीपावली पर सामान्य चांदी के लक्ष्मी गणेश ही आते थे। लेकिन इस बार आभूषणों की दुकान पर एंटीक फिनिशिंग वाली मूर्तियों के साथ सुपर होलो वाली मूर्तियां खास है। एंटीक लक्ष्मी गणेश की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। लक्ष्मी-गणेश, कुबेर, राम दरबार, चांदी के बर्तन खास है। दीपावली के बाद शादी ब्याह शुरू होंगे। इसके लिए भी सोना चांदी खरीदा जा रहा है।
निवेश के लिए खरीद रहे सोना-चांदी : आभूषण विक्रेता मोहन शर्मा ने बताया कि दिवाली पर चांदी की मूर्तियां- सिक्कों की काफी मांग रहती है। इस बार चांदी पर नग वाले लक्ष्मी गणेश आए हुए हैं जो कि जडाऊं फिनिशिंग में हैं। सोने चांदी में अच्छी शुद्धता का सामान खरीदने पर वह एक तरह का निवेश हो जाता है। ग्राहकों का इनके प्रति अच्छा रूझान है। इसी प्रकार चांदी थ्री डी वाले सिक्के 99.9 प्योरिटी के हैं।
मूर्तियों और सिक्कों की खासियत
थ्री डी फिनिशिंग वाले सिक्के और मूर्तियों को सामने या बाजू से देखने पर उसमें लगी देवी-देवताओं की छवि उभरी हुई और जीवंत दिखाई देती है। इतना ही नहीं शुद्धता होने से री-सेल वैल्यू भी ज्यादा रहती है जबकि सफेद रंग की चमकदार मूर्तियां-सिक्के, बर्तन 80 प्रतिशत प्योरिटी के रहते हैं। बाजार में दिवाली के लिए जो बर्तन आए है, उनमें चांदी का कलश, आरती की थाली, चंद्रकला लगे हुए मुकुट विशेष तौर से उपलब्ध है। पूजन में उपयोग की जाने वाली घंटी की विशेष मांग रहती है।
