Fri, 08 07, 2026
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कुर्सियां और हलवाई पड़ गए कम, दूसरे जिलों व राज्यों से कर रहे व्यवस्था:

फेस्टिवल सीजन और चुनाव के चलते पड़ौसी जिलों से मांग रहे कुर्सियां, कोलकाता से बुलवाए हलवाई

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झुंझुनूं | अंचल में फेस्टिवल सीजन शुरू हो रहा है। शारदीय नवरात्र के चलते रविवार से जगह-जगह दूर्गा पूजा महोत्सव शुरू हो रहे हैं। नवरात्र संपन्न होने के बाद 23 को देवउठनी एकादशी होने के कारण बड़ी संख्या में शादियों की धूम रहेगी। ठीक दो दिन बाद विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। नवरात्र, देवउठनी एकादशी और चुनावी दौर होने की वजह से टैंट व्यवसायियों के सामने शादी समारोह वाले और जनप्रतिनिधियों की सभाओं समेत अन्य कार्यक्रमों के लिए कुर्सी की मांग को पूरा करने के लिए संकट खड़ा होने लगा है। फेस्टिवल सीजन और चुनावी दौर के चलते कुर्सियों के टोटे की यह खबर भले ही अजीब लगे। परंतु यह सच है और इस मांग को पूरा करने के लिए जिले के बड़े टैंट व्यवसायी पड़ौसी जिलों से कुर्सियां मांगने लगे हैं।
पड़ौसी जिलों से मंगवानी पड़ रही है
टैंट व्यवसायी यूनियन झुंझुनूं के अध्यक्ष राजेंद्र फौजी ने बताया कि दुर्गा पूजा महोत्सव, देवउठनी एकादशी पर शादियां व चुनाव की वजह से इस बार कुर्सियों समेत अन्य सामान की ज्यादा डिमांड है। शादियों के साथ-साथ चुनावी सभा व कार्यक्रमों के लिए भी कुर्सियों की बुकिंग हो रही है। टैंट व्यवसायी अपने-अपने संपर्क के हिसाब से पड़ौसी जिलों के टैंट व्यवसायियों से संपर्क कर व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।
कोलकाता से बुलवाए हलवाई
कुर्सी के साथ हलवाई भी नहीं मिल रहे हैं। हलवाइयों के पास समय नहीं है। हलवाई बुक हो चुके हैं। शादी समारोह वाले अन्य जिलों के हलवाई व कैटर्स से संपर्क साध रहे हैं। हलवाई भजनलाल बताते हैं कि इस बार शादियों की धूम के चलते उनके पास समय ही नहीं है। कई सावे होने के चलते उन्होंने कोलकाता से कई हलवाइयों को बुलाया है।
महंगी पडऩे लगी बुकिंग
चुनाव और देवउठनी एकादशी के बीच एक दिन का अंतराल होने की वजह से बढ़ी मांग जरूरतमंदों पर भारी पडऩे लगी है। टैंट की बुकिंग महंगी पडऩे लगी है। व्यवसायी बताते हैं कि बाहर से कुर्सियां समेत अन्य सामान मंगवाने की वजह से ट्रांसपोर्ट और मजदूरों का खर्चा बढ़ जाएगा। इसके चलते अब बुकिंग कराने वालों से ज्यादा रुपए लेकर बुकिंग की जा रही है।
आठ सौ टैंट व्यवसायी, फिर भी नहीं हो रही मांग पूरी
जिले में वर्तमान में छोटे-बड़े टैंट व्यवसायियों को मिलाकर 800 हैं। परंतु इस बार फेस्टिवल सीजन और चुनाव होने के कारण मांग बढ़ गई है। 23 की देवउठनी एकादशी पर सावे होने के चलते शादी वाले घरों में एक सप्ताह पहले से ही कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। ठीक इसके उलट 25 को मतदान होने की वजह से प्रशासन को व्यवस्थाएं करने के साथ-साथ चुनाव प्रचार थमने से पहले प्रत्याशियों को सभाओं व कार्यालयों में कुर्सियों की जरूरत होगी। इसके चलते अब टैंट व्यवसायी पड़ौसी जिलों सीकर, चूरू, नीमकाथाना समेत अन्य स्थानों से कुर्सियां लाने लगे हैं।

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