जयपुर। राजधानी जयपुर में रविवार रात एक अनोखी और शाही 'मॉक वेडिंग' (प्रतीकात्मक विवाह) का आयोजन किया गया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बैंड-बाजे, सजी-धजी बग्गी, पारंपरिक वेशभूषा में बाराती, आतिशबाजी, शाही स्वागत और भव्य वरमाला की रस्म ने पूरे आयोजन को वास्तविक शादी जैसा बना दिया। हालांकि यह विवाह वास्तविक नहीं था, बल्कि राजस्थान की शाही वेडिंग संस्कृति और वेडिंग इंडस्ट्री की भव्यता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
यह आयोजन इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (IWTC) के तहत जयपुर के फेयरमोंट होटल में हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए वेडिंग प्लानर्स, होटल व्यवसायी, इवेंट एक्सपर्ट्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बग्गी पर दूल्हे की शाही एंट्री, बारातियों ने किया जमकर डांस
शाम होते ही शाही बग्गी पर दूल्हे की भव्य एंट्री हुई। पारंपरिक बैंड की धुनों और संगीत के बीच बाराती नाचते-गाते होटल परिसर तक पहुंचे। करीब आधे घंटे तक चली इस शाही बारात को देखकर कई लोगों को लगा कि यह किसी राजघराने की वास्तविक शादी है।
राजस्थानी परंपरा के साथ हुआ बारात का स्वागत
फेयरमोंट होटल के मुख्य द्वार पर दुल्हन पक्ष ने फूल-मालाओं, इत्र और पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ बारात का स्वागत किया। इसके बाद मेहमानों को बैंक्वेट हॉल में ले जाया गया, जहां विशेष रूप से तैयार मंच पर दूल्हा-दुल्हन की रॉयल एंट्री कराई गई। रोशनी, संगीत और फायरवर्क्स के बीच वरमाला की रस्म ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
रॉयल ब्राइडल कलेक्शन बना आकर्षण का केंद्र
मॉक वेडिंग के बाद आयोजित 'वेड-वाह ब्राइडल स्टाइल वॉक' में मिस राजस्थान और मिसेज राजस्थान की मॉडल्स ने पारंपरिक और आधुनिक रॉयल ब्राइडल कलेक्शन का प्रदर्शन किया। फैशन शो का निर्देशन योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने किया, जबकि डिजाइनर मधुर चेतवानी ने विशेष ब्राइडल कलेक्शन प्रस्तुत किया। मेकअप की जिम्मेदारी जस्सी छाबड़ा की टीम ने निभाई। शो में देव राठौड़ दूल्हे और हीना ठाकुर दुल्हन की भूमिका में नजर आए।
राजस्थान की वेडिंग इंडस्ट्री का वैश्विक प्रदर्शन
आयोजन में बारातियों की भूमिका इवेंट मैनेजर्स, मॉडल्स, एंकर, कोरियोग्राफर्स और वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े पेशेवरों ने निभाई। आयोजन का उद्देश्य देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों को यह अनुभव कराना था कि राजस्थान की शादियां केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, शाही आतिथ्य और भव्यता का अद्भुत संगम होती हैं।
