Thu, 08 06, 2026
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कुलामा हनुमान मंदिर: नवयुवकों ने बदल दिया नक्शा:

राजगढ़ व अडूसा क्षेत्र का बना बड़ा धार्मिक स्थल: पहले सुविधा नहीं थी अब बारी का करते हैं इंतजार

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राजगढ़ व अडूसा के मध्य वीरान जगह पर वर्षों पुराने बने हनुमान मंदिर का बीड़ा नवयुवकों ने उठाया तो तस्वीर ही बदल दी। पहले यहां भोग लगाने के लिए भी प्रसादी घर से बनाकर लानी पड़ती थी। परन्तु अब यहां रसोई या अन्य कार्यक्रम के लिए भी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
यहां नवरात्र में हजारों श्रद्धालु मत्था टेकने आते है। यहां आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि यहां पूर्व में चबूतरे पर हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित थी। वही सड़क से थोड़ा दूर घने पेड़ व झाड़ झंखाड़ थे तथा भोजन बनाने की सुविधा नहीं थी। यहां न तो पानी मिलता था और न ही कोई रोशनी की व्यवस्था थी। देर शाम के बाद यहां कोई आना उपयुक्त नहीं समझता था। परन्तु लोगों की मांग पर जनप्रतिनिधियों का ध्यान जाने लगा तो श्रद्धालुओं की आस्था भी जगने लगी। यहां बीते तीन वर्ष पहले नवयुवकों ने कुलामा बालाजी सेवा समिति बनाई। उसके माध्यम से साफ सफाई कर पौधरोपण व मंदिर निर्माण किया। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भोजन बनाने की जगह नलकूप व बिजली व्यवस्था होने से अब यहां शादी ब्याह के साथ साथ जन्म दिन, समारोह व अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी करने लगे हैं। अब यहां अन्य कार्यक्रम होने से दूसरे लोगों को तिथि तक बदलनी पड़ती है।
महक गया कुलामा धाम
कुलामा बालाजी सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व यहां घनी वनस्पतियां, घास, झाड़, झंखाड़ उगे थे। नवयुवकों ने उनकी साफ सफाई कर यहां तरह तरह के पौधे लगाकर पुष्प वाटिका बनाई तथा पौधे भी पेड़ बनते नजर आ रहे हैं।
नवरात्र में रहती भीड़
कुलामा के नाम से जाना जाने वाले इस जगह पर जिन्द बाबा की बावड़ी होने से यहा नवरात्र में हजारों श्रद्धालु आते है। अभी यहां मंदिर का शिखर का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा यात्री प्रतीक्षालय व सत्संग भवन का निर्माण चल रहा है। वही मण्डल के सदस्यों द्वारा परिसर में इंटरलॉकिंग, ओपन जिम, चार दिवारी की मरम्मत जैसे कार्य अभी बाकी है।

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