कार्तिक माह की शुरुआत हो चुकी है। लोग घरों के अलावा सरोवर-कुंड में स्नान और भगवान विष्णु की आराधना में जुटे हैं। इस माह धनतेरस, दिवाली, एकादशी समेत अनेक त्योहारों की रौनक छाई रहेगी। कार्तिक की शुरुआत रविवार से हुई है। यह 27 नवम्बर यानी कार्तिक पूर्णिमा तक रहेगा। इस दौरान करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली जैसे बड़े त्योहारों की रौनक रहेगी। देवउठनी एकादशी से देवशयनी एकादशी के बीच चातुर्मास का यह अंतिम माह है। इसके बाद देवप्रबोधिनी एकादशी के बाद बड़े पर्वों का सिलसिला शुरू होगा। इसके बाद जनवरी में मकर संक्रांति के साथ ही पर्वों की शुरुआत होगी। गोवंश की पूजा फलदायी- कार्तिक माह में साधना, आराधना, जाप आदि करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। तीर्थ स्थलों पर स्नान दान करने का भी विशेष महत्व है। पवित्र नदियों में स्नान करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस माह गोवंश पूजन का विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा और गोपाष्टमी के दिन इस माह में गोवंश की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है।
नवंबर में ये आएंगे पर्व
5 नवंबर, रविवार- अहोई अष्टमी, राधा कुंड स्नान, कालाष्टमी
09 नवंबर गुरुवार- रमा एकादशी
10 नवंबर शुक्रवार- धनतेरस, प्रदोष व्रत (कृष्ण)
11 नवंबर शनिवार-मासिक शिवरात्रि, काली चौदस, मासिक शिवरात्रि
12 नवंबर रविवार- दिवाली
13 नवंबर सोमवार- कार्तिक सोमवती अमावस्या
14 नवंबर मंगलवार- गोवर्धन पूजा, अन्नकूट पूजा
15 नवंबर बुधवार- भाई दूज, भैया दूज
16 नवंबर, गुरुवार- विनायक चतुर्थी
17 नवंबर शुक्रवार-वृश्चिक संक्रांति, सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश
18 नवंबर, शनिवार सौभाग्य पंचमी
19 नवंबर रविवार-छठ पूजा
21 नवंबर , मंगलवार- अक्षय नवमी
23 नवंबर गुरुवार-देवोत्थान एकादशी, भीषम पंचक आरंभ
25 नवंबर, शनिवार- बैकुंठ चतुर्दशी
27 नवंबर सोमवार-कार्तिक पूर्णिमा व्रत, गुरु नानक जयंती
28 नवंबर, मंगलवार- मार्गशीर्ष मास आरंभ
30 नवंबर गुरुवार-संकष्टी चतुर्थी
