आश्विन शुक्ल दशमी पर मंगलवार को रवि व वृद्धि योग के बीच असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयादशमी मनाया जाएगा। इस दिन बुधादित्य योग का भी संयोग रहेगा। शाम होते ही शहर में दशहरा मेले के आयोजन होगा। मेला मैदान में आकर्षक रोशनी और रंगीन आतिशबाजी के बीच धूं-धूंकर कर 45 फीट के रावण के पुतले का दहन होगा। रामलीला कमेटी की ओर से साल 2022 की तुलना में इस बार रावण के पुतले को 4 फीट बढ़ाकर 45 फीट किया गया है। रावण पुतला दहन से पहले राम रावण युद्ध का मंचन होगा। कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानू ठाकुर ने बताया कि रावण दहन का मंचन मंगलवार सांय 6 बजे से शहर के मेला मैदान में होगा। उससे पहले भव्य आतिशबाजी होगी।
आज भी कई परिवारों की पांचवीं पीढियां उस परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। डीग में इस बार भव्य रंगीन आतिशबाजी के साथ 45 फीट के रावण के पुतले का दहन होगा। डीग में पुतला बाजार कहे जाने वाले दारूकूटा मौहल्ले में बुजुर्गों की परंपरा को निभाते हुए दारूकूटा निवासी मथुरिया परिवार के झम्मन लाल, सिकंदर, बबलू, सुरेन्द्र, मानू आदि रावण को आकार देने के लिए दिन-रात मेहनत करके पुतला बनाने में जुटे रहे। जिसे अब वो अंतिम रूप दे चुके हैं। शहर के दारूकूटा मौहल्ला निवासी छंगा भगत, देवीराम आदि कई परिवारों की पीढियां आज भी रावण के पुतले बनाने का काम कर रही हैं। पुतला बनाने में जुटे इनके वंशज बताते हैं कि बड़े पुतले तैयार करने में 10 से 15 दिन लगते हैं। साथ ही दूर-दराज से आई बुकिंग पर वो अपने परिवार के लोगों को कई दिन पहले वहां भेजकर वहीं पुतला तैयार कराते हैं। इसके लिए जो सामान की आवश्यकता होती है, उसकी ये बुकिंग के साथ ही खरीद कर लेते हैं। राजशाही जमाने से रावण के पुतले बनाने के काम में जुटे ये लोग 60-70 फीट तक का पुतला बना लेते हैं।
