रोशनी के पर्व दिवाली पर घरों की सफाई, पेंट-पुताई का दौर जारी है। धूल, मिट्टी से एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। जेएलएन अस्पताल सहित विभिन्न सीएचसी-पीएचसी, आयुर्वेदिक-होम्योपेथिक क्लीनिक में 80 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा परेशानी खांसी-जुकाम वाले मरीजों की है।
दिवाली पर घरों की सफाई और रंग-रोगन का काम चल रहा है। बारीक धूल-मिट्टी से लोगों को खांसी-जुकाम, गले में खराश की शिकायत हो रही है। युवाओं, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा दिक्कतें हो रही है। खांसी के साथ हल्का बुखार भी महसूस हो रहा है। चिकित्सकों की मानें तो धूल-मिट्टी के कारण एलर्जी का असर बढ़ा है। यह अभी 15-20 दिन तक और रहेगा।
इन चीजों से करें बचाव
धूल-मिट्टी वाले स्थान से रहें दूर
घी, तेल का कम करें सेवन
फ्रिज के ठंडे पानी का नहीं करें इस्तेमाल
ताजा बना खाना ही खाएं
मुंह पर लगाएं मास्क अथवा कपड़ा
तत्काल लें चिकित्सक से परामर्श
मौसम बदलने का असर
पिछले दस दिन से लगातार मौसम बदल रहा है। दिन में धूप अधिक होने से गर्मी और रात में हल्का ठंडापन रहने लगा है। मौसम बदलने से भी खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े हैं।
