सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या शनिवार को मनाई जाएगी। इस दौरान सूर्यग्रहण भी रहेगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देने पर सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर होने वाले सभी अनुष्ठान निर्विघ्न होंगे। इन दिनों पितृपक्ष पखवाड़ा चल रहा है। शनिवार को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के साथ ही श्राद्ध पक्ष का समापन होगा।
सूतक नहीं होगा मान्य
पंडित घनश्याम आचार्य ने बताया कि रात्रि 9.40 से 1.20 तक सूर्यग्रहण रहेगा। शनिवार को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक मान्य नहीं किया जाएगा। दैनिक कार्यों में किसी प्रकार की कोई रुकावट नहीं आएगी। जहां भी ग्रहण दिखाई देता है वहीं उसके प्रभाव व सूतक मान्य होते हैं।
शनिश्चरी अमावस्या का संयोग
सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर शनिश्चरी अमावस्या का भी संयोग होगा। पूर्वजों की आत्मशांति के निमित्त तर्पण, श्राद्धकर्म करने के साथ-साथ यह दिन शनिदेव की आराधना के लिए भी विशेष शुभ रहेगा। जिन जातकों को साढेसाती, ढैया एवं शनि की महादशा, अंर्तदशा चल रही है उन्हें शनि का दान अवश्य करना चाहिए। इस मौके पर जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती है उनके निमित्त भी तर्पण किया जाता है।
