Thu, 08 06, 2026
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मिलने की उम्मीद छोड़ चुके परिजनों को पांच साल बाद मिला सोजी लाल:

ऑटो रिक्शा चालक बना सहारा

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बेटे की तलाश में परिजन जाने कहां-कहां नहीं भटके। थक-हारकर उसके मिलने की उम्मीद ही छोड़ चुके थे। अचानक शनिवार दोपहर को ट्रिंग ट्रिंग ... हेलो में उदयपुर आशाधाम आश्रम से जजावर सरपंच रामप्रकाश धाकड़ के मोबाइल की घंटी बजती है । जजावर के खोड़ी गांव का सोजी लाल सैनी हमारे पास है।आप उनके घरवालों को सूचना दे दो।जैसे ही घरवालों को पता चलता है तो घरवालों के चेहरे खिल उठे। पांच साल से लापता बेटा रविवार को घर लौट आया। जहां गांव पहुंचने पर हर व्यक्ति की आंखे नम हो गईं।
बेटे को खोजते हुए पिता की गई जान
करीबन पांच साल पहले अपने माता- पिता,पत्नी तीन बेटियां व दो पुत्र को छोड़कर लापता हुए सोजी लाल को ढूंढने के परिजनों ने काफी प्रयास किया। यहां तक कि सोजी लाल सैनी के पिता सोहन लाल की बेटे की खोज करते करते मौत हो गई। विडंबना देखिए पुत्र धनराज के भी दिल में छेद होने की वजह से मौत हो गई। बेटे के चले जाने के बाद से ही परिवार पर आफत टूट पड़ी।
डेमियन सिस्टर संस्थापिका आशाधाम आश्रम ने बताया कि सोजी विगत चार वर्ष पहले जगदीश मंदिर के बाहर लावारिस हालत में घूमते हुए मिला था। जहां 17 मई 2019 एक ऑटो रिक्शा चालक ने ने सोजी को आशाधाम आश्रम में भिजवाया। उस समय सोजी का एक पैर सड़ा हुआ था, जिसका आश्रम द्वारा ईलाज किया गया। अब वह स्वस्थ होकर परिवार से लेने आए भाई मुकेश सैनी, चाचा गोपाल सैनी और जजावर ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि मधु धाकड़ को स्थानीय अंबामाता पुलिस की मौजूदगी में सोजी को परिवार को सुपुर्द किया गया।
सांवरिया पैदल यात्रा के दल के साथ निकला
सोजी लाल सैनी ने पत्रिका को बताया कि गांव से कुछ लोगों का सांवरिया पैदल यात्रा के समूह गया था।इस दौरान वह भी उसके साथ हो गया।बाद में उस पैदल यात्रा दल से बिछड़ गया। जहां भीख मांगते हुए उदयपुर पहुंचा। सोजी लाल की मानसिक स्थिति सही नहीं होने से इतना ही बता पाया।

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