Thu, 08 06, 2026
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कांठल के युवा गौ सहित अन्य सेवा कार्य से जुड़कर कायम कर रहे मिसाल, मिल रही है सराहना:

सेवा कार्य के लिए तत्पर हैं युवा: गायों के गले में गो रक्षा सूत्र बांधकर जीवन बचा रहा स्वयं सेवा संस्थान

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तलवारों की धार पर इतिहास बदलते देखा है, जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है। यदि युवा कुछ करने की ठान ले तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं और यदि युवा सेवा कार्य का संकल्प ले लें तो फिर क्या कहना। फिर तो मानो सेवा कार्य की बयार चलते लगती है। कांठल में भी एक संगठन स्वयं सेवा संस्थान पिछले कुछ वर्षो से गो सहित अन्य सेवा कार्य से जुडकऱ मिसाल कायम कर रहा है। युवा अपनी पढ़ाई और अन्य कार्यो के बाद जो समय बचता है वह इस संस्था को देता है। कुछ युवा रात्रि के समय संस्था को अपना समय देते हैं तो कुछ युवा दिन में जब भी उनको दिनचर्या से समय मिलता वे संस्थान का पूरा सहयोग करते हैं।
यूं हुई संस्थान के सेवा कार्य की शुरुआत
संस्थान के प्रतीक शर्मा ने बताया कि शुरुआत में 4 युवा हमारे साथ सेवा कार्य से जुड़े। उसके बाद 8 हुए और फिर 10, 12 और फिर धीरे-धीरे करीब 100 युवाओं की सक्रिया टोली खड़ी हो गई। वहीं सैंकड़ों युवा समय-समय पर सेवा कार्य से जुटते रहते हैं। संस्थान में सभी युवा अपनी स्वयं को इच्छा से सहयोग करते हैं इसलिए इसका नाम स्वयं सेवा संस्थान रखा। संस्थान विगत तीन वर्षों से लगातार गौरक्षा के साथ-साथ जिलेभर में रक्तदान व कई समाजसेवी कार्यों में लगी हुई है।
करते हैं रक्तदान भी
जिला मुख्यालय पर पिछले तीन वष पहले शुरू हुई स्वयं सेवा संस्था की ओर से 24 घंटे ब्लड डोनर उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे है। संस्था की ओर से तीन चार ब्लड डोनेशन कैंप भी लगवा चुंके है। अस्पताल में जरूरत पडने पर करीब 300 से ज्यादा यूनिट से अधिक रक्दान भी किया जा चुंका है।
लंपी महामारी में 200 बेसहारा गोवंश का कराया इलाज
शहर कि सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश जब लंपी संक्रमण की चपेट में आकर सडक़ किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर तड़पती नजर आई तो कुछ युवाओं ने इनकी पीड़ा को समझकर इनका उपचार कर इन्हें ठीक किया। चिकित्सकों की कमी के बीच इन युवाओं का पशुओं की देखरेख करने में बड़ा सहयोग रहा। आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाकर संक्रमण काल में प्रतिदिन शहर के गली-मोहल्ले, चौराहे पर घूमकर प्रत्येक पशु को आयुर्वेदिक लडडू खिलाया, जिससे करीब शहर में 200 अधिक पशु इस बीमारी से रिकवर हो गए।
पीने के पानी के लिए रखते हैं टंकियां
गर्मियों पीने के पानी के लिए गली-मोहल्ले, चौराहे और कॉलोनियों में भटक रहे गोवंश की देखरेख के लिए स्वयं सेवा संस्थान से जुड़े सैकड़ों युवाओं ने शहर में पानी की करीब 150 से अधिक टंकियां रखी, ताकि गोवंश पीने के पानी के लिए इधर-उधर ना भटके। संध्या के समय लोडिंग टेंपो में हरे चारे को रखकर शहर की सडक़ों पर बैठे बेसहारा, भूखे गोवंश को युवाओं की टोली चारा खिलाने के लिए निकलती है। प्रतिदिन युवाओं की टोली जिन कॉलोनियों में टंकी रखी गई है उनका निरीक्षण कर आसपास घरों में मौजूद लोगों को टंकियों में पानी भरने को लेकर निवेदन करते हैं।
अब गौ रक्षा सुत्र अभियान चलाया
शहर में मूक प्राणी और बेसहारा व्यक्तियों की सेवा में कार्य करने वाली स्वयं सेवा संस्थान टीम द्वारा गौरक्षा सूत्र अभियान चलाया गया। इस गौरक्षा सूत्र अभियान के तहत शहर के मुख्य सडक़ों पर विचरण कर रहे गौवंश को सडक़ हादसों का शिकार होने से बचाने के लिए उन्हें रेडियम बेल्ट पहनाया जा रहा है। यह बेल्ट दूर से चमकती है। जिस कारण हादसों का शिकार हो रही गायों की जान बचेगी वहीं वाहन चालक भी दुर्घटना का शिकार होने से बच सकेंगे। संस्था के मंत्री रोहित राव , उपाध्यक्ष पियूष शर्मा, कोषाध्यक्ष राज भटेवरा ने बताया कि यह अभियान निरन्तर जारी रहेगा। इस दौरान संस्था के शैलेश सालवी, विकास शर्मा,गौरव राठौर, शांतिलाल मीणा, दर्पण शर्मा,अमित राव,ललित सेन ,अनुराग गोस्वामी, विनय वैष्णव ,राहुल भटेवरा, राहुल दशोरा, उमेश राजपूत, मानस गुर्जर, तरुण ग्वाला,आकाश वागरी,रवि राजपूत, मन राव , काना जाट ,दीपक माली,पवन बनोदाकोरी, शिवा गुजराती आदि सदस्य सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
सहायता के लिए डायल करें संस्थान का नम्बर
शहर के सभी सोशल मीडिया ग्रुप पर संस्थान के एक नंबर जारी किए हैं यदि कोई भी पशु बीमार या किसी दुर्घटना से पीड़ित नजर आए तो उन नम्बरों पर सम्पर्क कर सकता है। संस्थान तुरंत प्राथमिक उपचार से लेकर उसके ठीक हो जाने तक सेवा में तत्पर रहेंगे। युवाओं के इस पुनीत कार्य को देखते हुए शहर के कई भामाशाह और व्यापारी वर्ग भी इनके सहयोग के लिए आगे आए।

 

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