Fri, 08 07, 2026
देश

रासायनिकों का छिड़काव बिगाड़ रहा लोगों की सेहत:

सरकार ने फलों-सब्जियों की जांच में घातक केमिकल के साथ हैवी मैटल मिलने के बाद सात कीटनाशकों पर लगाई रोक

post-img

कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए रासायनिक द्रव्य का स्प्रे लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। फल और सब्जियों को कीट-पतंगों से बचाने और उसकी पैदावार को बढ़ाने के लिए किसान कीटनाशक और जहरीले रसायनों का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सात कीटनाशकों के फसलों पर प्रयोग करने पर रोक लगा दी है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने यह कदम फलों व सब्जियों की हुुई कई जांच में द्यातक कैमिकल के साथ हैवी मैटल मिलने के बाद उठाया है। इसके अलावा इन कीटनाशकों के प्रयोग पर फील्ड में मौजूद कृषि पर्यवेक्षक व अधिकारी भी किसानों व विक्रेताओं के साथ समझाइश करेंगे। इसके लिए कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली ने नोटिफिकेशन जारी किया है।
इन पर लगाई रोक
नोटिफिकेशन के अनुसार डिकोफेल, डिनोकैप, मिथोमाइल, मोनो क्रोटोफॉस, काबोफुर्रान, मैलाथियॉन, डिमेथोएट, मैंकोजेब, क्यूनॉलफॉस, ऑक्सीफ्यूरोफेन, क्लोरोपाइफॉस का फसलों व फलों की कई किस्मों पर प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया है।
प्रतिबंध आदेशों के अनुसार इन कीटनाशकों को ज्वार, मटर, सोयाबीन, अरंडी, सूरजमुखी, भिंडी, बैंगन, फूलगोभी, मूली, शलगम, टमाटर, सेब, आम, अंगूर, जूट, इलायची, अमरूद, टेपिओका, आलू, मूंगफली, बेर, साइट्रस व तंबाकू की फसल पर काम में नहीं ले सकेंगे।
ये है समस्या
इन दिनों कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग हो रहा है। किसान फसलों को रोग कीट से बचाने के लिए कीटनाशी बेचने वाली दुकानों पर जाते हैं, लेकिन वहां मौजूद शख्स कई बार रोगकीट की पहचान किए बिना ही रसायनों वाले कीटनाशी किसान को थमा देता है। इसके प्रयोग से फसल तो बच जाती है, लेकिन आस-पास का वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। कई बार असावधानी के कारण किसान व पशुओं की जान पर बन आती है। इसको देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
इन बीमारियों का ज्यादा खतरा
चिकित्सकों के अनुसार कीटनाशकों का दुष्प्रभाव सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में होता है। छिडक़ाव करने वाले व्यक्ति पर इसका सीधा असर पड़ता है। ग्रामीण महिलाओं में स्तन कैंसर, बच्चों के विकास, व्यस्कों में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। कीटनाशकों में मौजूद कैमिकल व भारी धातुएं श्वास के जरिए शरीर के अंदर जाकर शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे लीवर आदि को नुकसान पहुंचाती है। इनसे कैंसर की बीमारी होती है। वहीं पेट, गैस, किडनी, लीवर संबंधित बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। कैमिकल युक्त सब्जी का सेवन करने वाले लोगों को पेशाब और ब्लड कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।

 

Related Post