Thu, 08 06, 2026
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प्रदेश के काश्तकार अब क्यूआर कोड के जरिये घर बैठे बेच सकेंगे फसल:

किसानों को गेट पास के लिए न मंडी आने की जरूरत, न ही फसल बेचान के लिए भटकना होगा

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बरसों से व्यापारियों के माध्यम से अपनी फसल का बेचान करने वाले प्रदेश के काश्तकारों के लिए खुशखबरी है। अब वह घर से न केवल अपनी फसल की नीलामी करवा सकेंगे, बल्कि मंडी गेट पास आदि की औपचारिकताओं से भी उनको छुटकारा मिल जाएगा।
ई पोर्टल के माध्यम से किसानों को प्रवेश पत्र का क्यूआर कोड मिलेगा। इसके लिए उनको केवल मंडी जाकर पंजीकरण कराना होगा। इसके पश्चात ऐप के विषय में जानकारी प्राप्त कर खुद ही उपज की नीलामी करवा सकते हैं। हालांकि कृषि मंडियों में ई-विक्रय की प्रक्रिया पिछले सात साल से संचालित है, लेकिन ज्यादातर काश्तकार अब भी इससे नहीं जुड़ सकें हैं। ऐसे में उम्मीद है कि नई सुविधा मिलने के बाद काश्तकार इससे तेजी से जुड़ेंगे, ताकि उनको बाजार में अपनी उपज के बेहतर दाम मिल सके।
बरसों से व्यापारियों के माध्यम से अपनी उपज बेचने वाले काश्तकारों के लिए कृषि विपणन बोर्ड ने उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने के लिए यह पहल की है।
मंडी में आकर गेट पास बनवाने, उपज की गुणवत्ता को प्रमाणित करने एवं अपनी बोली का इंतजार करने वाले काश्तकारों को ई-पोर्टल नाम से प्लेटफार्म दिया है। इसके जरिये किसान को मीलों चलकर मंडी आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वह खुद ही गेट पास बनाकर अपनी उपज का बेचान व्यापारियों को कर सकता है। ई-पोर्टल प्रक्रिया की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। कृषि मंडी सचिव पवन तंवर ने गुरुवार को इस संबंध में पूरी जानकारी मंडी के व्यापारियों एवं काश्तकारों को दी। मंडी प्रशासन का कहना है कि पूरे परिसर में काश्तकारों एवं व्यापारियों को इससे परिचित कराने का काम किया जा रहा है।
काश्तकारों को यह भी फायदा
कृषि विपणन बोर्ड के अनुसार काश्तकारों को इस प्रक्रिया से न केवल बाजार की प्रतिस्पर्धा का फायदा मिलेगा, बल्कि अपनी उपज को लेकर इधर-उधर की मंडियों में व्यापारियों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। उनको उपज के स्तरीय दाम भी मिल सकेंगे।
टीम दे रही जानकारी
मंडी प्रशासन के अनुसार मंडी की टीम काश्तकारों एवं व्यापारियों पास पहुंचकर उनको इस सुविधा के बारे में प्रशिक्षण दे रही है। फिलहाल यह काम ग्रुपवार किया जा रहा है। किसानों के अच्छी तरह से इसकी प्रक्रिया समझमें आने के बाद उनकी आमदनी में पहले से ज्यादा इजाफा हो सकेगा। काश्तकार इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकता है।

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