Thu, 08 06, 2026
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राजफैड 1 नवंबर से मूंग और 18 से मूंगफली की खरीद करेगा शुरू:

पटवारी चुनाव कार्य में व्यस्त होने से गिरदावरी की नकल लेने में परेशानी

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किसानों के लिए राहत भरी खबर है कि केंद्र सरकार की ओर से मूंग खरीद के लिए बढाई हुई एमएसपी पर राजफैड को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। मूंगफली सहित अन्य जिंसों की खरीद 1 नवंबर से और इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया 27 अक्टूबर से शुरू होगी।

मूंग की तुलाई करने वाली मार्केटिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष मोहनलाल खदाव के अनुसार भारत सरकार के किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी किए गए अनुमति पत्र के अनुसार एमएसपी पर मूंग सहित अन्य फसलों की खरीद का समय राज्य सरकार के स्तर पर तय किया गया है। और राजफैड ने भी खरीद की गाइडलाइन पहले ही जारी कर दी थी। बस इसके लिए केंद्र की अनुमति का इंतजार था।

किसान रजिस्ट्रेशन शुरू करवा दे

खदाव ने गुरुवार को मुनादी करवा कर कहा है कि 27 अक्टूबर से अपनी मूंग की उपज को तुलवाने के लिए पंजीयन शुरू करवा दें और संस्था 1 नवंबर से खरीद शुरू कर देगी। इस बार मूंग की अगेती फसल होने के चलते सितंबर के शुरू में ही मंडी में आवक शुरू हो गई। शुरू में किसानों को अच्छे भाव मिले लेकिन धीरे-धीरे भाव गिरने पर क्षेत्रीय किसानों ने एवं उनकी ओर से अभियान चलाकर एमएसपी पर मूंग खरीद चालू करने का मुद्दा उठाया था।

पंजीयन के लिए जरूरी कागजात

राजफैड के अनुसार पंजीकरण के समय किसान के पास जन आधार कार्ड होना आवश्यक है। एक जन आधार कार्ड पर एक ही पंजीकरण मान्य होगा। जन आधार कार्ड में अंकित नाम में जिस नाम से गिरदावरी होगी उसी के नाम का पंजीकरण मान्य होगा। जन आधार कार्ड महिला मुखिया के नाम होने के कारण एवं गिरदावरी पति के नाम होने की स्थिति में ऐसा एक पंजीयन स्वीकार किया जा सकता है। राजफैड की ओर से किसानों के जन आधार कार्ड में स्टेट बैंक खाते में विक्रय की गई जींस का भुगतान किया जाना है। इसलिए कृषक पंजीयन से पूर्व जन आधार कार्ड में अपना खाता नंबर को सही अंकित करवा ले। खाता संया एवं आईएफएससी कोड में विसंगति के लिए कृषक स्वयं उत्तरदायी होगा।

राजस्व विभाग चुनाव में व्यस्त

राज्य में होने वाले चुनाव को लेकर राजस्व विभाग के अधिकतर अधिकारी एवं पटवारी वर्ग चुनाव तैयारी में लगे हुए हैं। ऐसे में किसान अपने मूंग की उपज राजफैड को तुलवाने से पहले रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए तहसील कार्यालय एवं पटवारी के यहां चक्कर लगाने लगे हैं। अधिकतर पटवारी चुनाव ड्यूटी में लगे होने से किसानों को गिरदावरी की नकल प्राप्त करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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