भीलवाड़ा का मक्का देशभर के अलावा खाड़ी देशों को भी भा रहा है। पोल्ट्री फार्म में दूसरे दर्ज की हाइब्रिड मक्का की मांग है। भीलवाड़ा कृषि मंडी में देशी व हाइब्रिड मक्का की रोजाना दो हजार बोरियां आ रही है। कृषि मंडी व गांधीनगर मिर्च मंडी में मक्का के ढेर लगे हैं। जिले के दो किस्म के मक्का की खाड़ी देशों में खासी मांग है। किसान बताते हैं कि देशी मक्का का उपयोग खाने में किया जाता है। रोटी, पॉप कार्न व पापड़ आदि बनता है। तरी की सब्जी में मिश्रण काम आता है। हाइब्रिड का उपयोग मुयत: पोल्ट्री फार्म हाउस में होता है। पशु आहार में भी मक्का काम में आता है। कई राज्यों के होटल व ढाबों में भी यहां की मक्का के व्यंजन परोसे जाते हैं।
दोनों किस्म के मक्का की मांग
मंडी व्यवसायी शिव गगरानी बताते है कि खाड़ी देश सऊदी अरब, कतर, दुबई, कुवैत के साथ ही कनाड़ा व कई अन्य देशों में दोनों किस्मे का मक्का जा रहा है। हाइब्रिड मक्का (शंकर) की पंजाब, हरियाणा, गुजरात में भी खासी मांग है। भारत के महानगरों में भी खासी मांग रहती है।
