Thu, 08 06, 2026
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गांवों में कपास, मूंगफली व ग्वार की फसलों में खराबा, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी:

किसानों के मुंह से छिना निवाला

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क्षेत्र के गांवों में पश्चिमी विक्षोभ ने जमकर कहर बरपाया हैं। तहसील क्षेत्र के ग्रामीण ईलाकों में रविवार देर रात से मंगलवार तक बारिश ने किसानों की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ से क्षेत्र के कृषि सिचिंत ईलाकों में कपास, मूंगफली व ग्वार की फसलों में भारी खराबा हुआ हैं।
क्षेत्र के सेतरावा, जैतसर, जेठानिया, चौरड़िया, आसरलाई, खियासरिया, कनोडिया महासिंह सहित निकटवर्ती देड़ा, लवारन लगातार 3 दिनों तक बारिश का मौसम रहा। इस दौरान कभी धीमी तो कभी तेज बारिश होती रही। किसानों के खेतों में कटाई के बाद पड़ी फसले इस पानी से खराब हो गई हैं।
इन गांवों के सिंचित ईलाकों में किसानों की ओर से बड़े भू- भाग पर इस बार मूंगफली व कपास की बुवाई की हुई हैं। ये फसल अब पक कर तैयार हो गई हैं। कई किसान खेतों से मूंगफली फसल की कटाई करवा चुके थे। फसल को सूखने के लिए खेतों में खुला रखा गया था। धरतीपुत्र इसे एक दो दिन बाद एकत्रित कर लाटा निकालने की तैयारी कर ही रहे थे। इस बीच यह बारिश बैरन बनकर बरसी और फसलें पानी से खराब हो गई हैं। इससे अब इसका दाना काला पड़ जाएगा। बाजार में गुणवता कम हो जाएगी। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
अन्य रबी फसलों को भी पहुंचा नुकसान
वहीं असिंचित कृषि क्षेत्रों में ग्वार, मोठ, आदि खरीफ फसलों को पकने पर किसानों ने इसे तोड़कर खेतों में सुखाया था।असमय बारिश ने इसको भी डूबो दिया।जिससे किसानों के मुंह में आया निवाला उनसे छिन गया हैं। ऐसे में किसानों में मायुसी व उदासी छा गई हैं। किसानों ने फसल खराबे की गिरदावरी करवा मुआवजे की मांग की हैं।

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