Thu, 08 06, 2026
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कम बारिश व तापमान में तेजी से अमरूदों के कारोबार पर लग रहा ‘ग्रहण’:

सवाईमाधोपुर जिले में एक पखवाड़े बाद छाएगी मीठे ‘अमरूदों’ की बहार

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सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही जिला मुख्यालय पर नए अमरूद की आवक शुरू होगी। बड़े पैमाने पर अमरूदों की आवक शुरू हो जाएगी तो अमरूदों में मिठासपन लौटेगा। इन दिनों अमरूद सूरवाल, करमोदा सहित अन्य जगहों से बिकने के लिए सब्जी मण्डी पहुंच रहा है। ऐसे में फिलहाल गिने-चुने ठेलों पर ही अमरूद नजर आ रहा है। उधर, उद्यानिकी विभाग की माने तो बड़े पैमाने पर अमरूदों की आवक में लगभग एक पखवाड़े का समय और लग जाएगा।
यह माना जा रहा है कारण
उद्यान विभाग के अनुसार इस बार बारिश के अभाव में एवं मौसम की अनुकूलता नहीं होने से कीट व व्याधियों का प्रकोप बढ़ा है। इसका सीधा असर लागत व उत्पादन पर पड़ेगा। जहां पिछले साल अमरूदों का उत्पादन दो लाख रुपए मीट्रिक टन था। वहीं इस साल अमरूदों का उत्पादन घटकर एक लाख 70 हजार मीट्रिक टन ही रहेगा। नवम्बर के दूसरे सप्ताह से अच्छी गुणवत्ता के फल आने शुरू हो जाएंगे।
30 रुपए किलो तक बिक रहे अमरूद
इन दिनों बजरिया स्थित सब्जी मण्डी में ठेलों पर 30 रुपए प्रति किलो के हिसाब से अमरूद बिक रहा है। वहीं थोक भाव आठ से दस रुपए प्रति किलो है। हालांकि अभी अमरूदों की गुणवत्ता व स्वाद भी कम है। ऐसे में नवम्बर के दूसरे सप्ताह के बाद अमरूद और पक जाएंगे और स्वाद में भी मिठास घुलेगी। वर्तमान में सूरवाल, करमोदा सहित अन्य जगहों से आ रहे अमरूद साइज में भी छोटे है। इनको पूरी तरह से पकने में थोड़ा समय और लगेगा। बरहाल, सब्जी मण्डी में ठेले में आ रहे अमरूदों को लोग खरीद रहे है।
जिले में यहां है अमरूदों के बगीचे
जिले में सूरवाल, करमोदा, दौंदरी, मथुरापुर, आटूनकला, घुड़ासी, शेरपुर-खिलचीपुर, श्यामपुरा, ओलवाड़ा, पढ़ाना, मैनपुरा, अजनोटी, भाड़ौती, सेलू, रावल, गंगापुरसिटी, बामनवास आदि स्थानों पर 15 हजार हैक्टेयर में किसानों ने अमरूद के बगीचे लगाए हैं। अमरूदों की बागवानी के लिए बड़े स्तर पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों के ठेकेदारों को बुलाया जाता है। ऐसे में प्रतिवर्ष करीब छह सौ से सात सौ ठेकेदार भी यहां पहुंचते हैं।
पड़ौसी जिलों का भी बढ़ा है रूझान
उद्यानिकी विभाग के अनुसार परंपरागत खेती की तुलना में अमरुद बागवानी से चार गुना तक लाभ होने से किसान इसे अपना रहे है। अमरूद बागवानी को जिले में ही नहीं आसपास के जिले टोंक, करौली, दौसा, बूंदी आदि क्षेत्रों में भी अमरूद की बागवानी होने लगी है।

 

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