Thu, 08 06, 2026
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कहीं जैविक के नाम पर ठगे ना जाए किसान:

कृषि विभाग ने की सावचेत रहने की अपील: जिले में जैविक उर्वरक के नाम पर मिल रहे कई उत्पाद

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कुछ वर्षों से एक तरफ तो जहां जैविक खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ रहा है। वहीं कई कम्पनियां जैविक उत्पादों के नाम पर विभिन्न प्रकार के आदान बाजार में बेच रही है। ऐसे में कई बार जैविक के नाम पर रसायनयुक्त उत्पाद भी बाजार में आ रहे है। ऐसे में किसानों को सतर्कता की आवश्यकता है। इसके साथ ही किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली कंपनी के उत्पाद लेने की सलाह दी है।
इसके साथ ही किसानों को दुकानदारों से संबंधित उत्पाद का बिल लेने के लिए कहा है। जिससे किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद मिल सके। गौरतलब है कि गत कुछ वर्षों से जैविक खेती को लेकर किसान जागरुक होने लगे है। हालांकि अभी जैविक खेती की तरफ किसानों का रुझान काफी कम है। जो अधिकांश उत्पाद बाजार से भी लाते है। कई किसान अपने खेतों पर भी जैविक खाद और पोषक तत्व तैयार करते है। इसे देखते हुए कई कंपनियों ने भी अपने जैविक उत्पाद निकाले है। जो किसानों को बेचे जा रहे है। वहीं कई लोग इसकी आड़ में अधिक मुनाफा कमाने के लिए कई बार घटिया उत्पाद भी बाजार में बेच देते है। इस प्रकार की शिकायतों को देखते हुए कृषि विभाग सावचेत हो गया है।
हंकाई और बुवाई का दौर
प्रदेश में इन दिनों खरीफ की फसल समेटने के साथ ही रबी की बुवाई की तैयारी की जाने लगी है। जिसमें कहीं ट्रैक्टर से तो कहीं बैलों से हंकाई की जा रही है। इसके साथ ही बुवाई का दौर भी चल रहा है। इस बार पानी की कमी के कारण कम पानी वाली फसलों की बुवाई की जा रही है। जिसमें चना, सरसों, मैथी, मसूर की बुवाई अधिक की जा रही है। वहीं पानी की पर्याप्त इलाकों में गेहूं की भी बुवाई की जा रही है।
किसानों को रहना होगा जागरुक
जिले में किसानों को जागरुक रहना होगा। इन दिनों रबी बुवाई का सीजन चल रहा है। ऐसे में जैविक के नाम पर कई बार गुणवत्ताविहीन उत्पाद भी बाजार में बिकते है। ऐेसे में किसानों को चाहिए कि वे उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद खरीदे। इसके साथ ही बिल आवश्यक रूप से लें।


 

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