इस बार बाजरे की पैदावार तो कम हुई है, लेकिन किसानों को मंडी में अच्छे भाव मिल रहे हैं। इससे किसान खुश नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार गत वर्ष अक्टूबर में बाजरे के भाव 1750 से 1950 रुपए प्रति क्विंटल थे। जबकि इस बार अलवर मंडी में बाजरे का भाव 2075 से 2350 रुपए प्रति क्विंटल है। फिलहाल अलवर मंडी में 3 से साढ़े 3 तीन हजार कट्टे बाजरे की प्रतिदिन आवक हो रही है।
आवक भी जल्दी शुरू हुई : आमतौर पर मंडी में बाजरे की आवक 15 सितम्बर के बाद शुरू होती है, लेकिन गत वर्ष बारिश जल्दी होने के कारण किसानों ने फसल की बुवाई भी जल्दी कर दी। इससे इस बार बाजरे की आवक अगस्त के आखिरी सप्ताह से ही शुरू हो गई। वहीं, अलवर मंडी में जनवरी-फरवरी तक बाजरे की आवक होती है, लेकिन इस बार दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक ही आवक होने की संभावना बताई जा रही है।
समर्थन मूल्य पर नहीं हो रही खरीद: सरकार की ओर से इस वर्ष बाजरे का समर्थन मूल्य 2500 रुपए निर्धारित किया गया था, लेकिन प्रदेश में बाजरे की सरकारी खरीद नहीं हो रही है। वहीं, हरियाणा व उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों में बाजरे की सरकारी खरीद की जा रही है।
अलवर का बाजरा देश के कई राज्यों में जा रहा
जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में बाजरे की खूब पैदावार होती है। जो प्रदेश के पश्चिमी इलाकों सहित देश के अनेक राज्यों में विक्रय होता है। अभी अलवर की कृषि उपज मंडी से हरियाणा, पंजाब व गुजरात सहित कई राज्यों में बाजरे का विक्रय किया जा रहा है।
