Thu, 08 06, 2026
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महानगरों में भी अब होने लगी सवाईमाधोपुर जिले की लाल मिर्च की डिमांड:

खण्डार व आसपास के इलाकों में होता है उत्पादन

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 लाल मिर्च के उत्पादन का भी यहां की अर्थव्यवस्था में एक विशेष स्थान है। सवाईमाधोपुर जिला राज्य के प्रमुख मिर्ची उत्पादक जिलों की सूची में शुमार किया जाता है। इससे जिले को करोड़ों की आय भी होती है। हजारों की संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। अगर सरकार व जिला प्रशासन की ओर से जिले के मिर्ची उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएं तो जिले में मिर्ची उद्योग की तस्वीर बदल सकती है। साथ ही मिर्ची उत्पादन से होने वाले लाभ में भी इजाफा हो सकता है।
इन क्षेत्रों में होता है अधिक उत्पादन
जिले की खण्डार तहसील में मिर्ची का उत्पादन अधिक होता है। खण्डार क्षेत्र के छाण, बहरावण्डा, मई, गोठडा, बहरावण्डा कलां, सिंगोर, अक्षयगढ़, रेडावद, वीरपुर, क्यारदा, नायपुर आदि आसपास के इलाकों में किसान मिर्ची का उत्पादन करते हैं। किसानों से मिली जानकारी के अनुसार जिले से हरी व लाल मिर्च को जयपुर, दिल्ली आदि अन्य शहरों में भी भेजा जाता है।
3 टन से अधिक का होता है उत्पादन
किसानों की माने तो जिले में हर साल करीब 3 टन से अधिक मिर्ची उत्पादन होता है। इससे जिले के करीब 4 हजार किसान परिवार जुड़े हुए हैं। मिर्ची की फसल की पौध जुलाई अगस्त में तैयारी की जाती है और सितम्बर व अक्टूबर के बीच किसान हरी मिर्च तोडऩा शुरू कर देते हैं। जानकारी के अनुसार मिर्ची के एक पेड से आमतौर पर दो बार मिर्ची तोड़ी जाती है। वहीं हाईब्रिड बीज के मिर्ची के पेड से दो बार हरी व दो बार लाल मिर्च की फसल तैयार की जाती है।
 

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