Thu, 08 06, 2026
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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार घोषित: 'आर्टिकल 370' बनी सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म:

कार्तिक आर्यन और ममूटी संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, यामी गौतम सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री

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नई दिल्ली। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा शनिवार को कर दी गई। वर्ष 2024 की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान 'आर्टिकल 370' को मिला, जबकि 'श्रीकांत' को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म चुना गया। फिल्म 'आर्टिकल 370' में शानदार अभिनय के लिए यामी गौतम को लीडिंग रोल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया।

वहीं, मलयालम फिल्म 'ब्रमायुगम' के लिए ममूटी और फिल्म 'चंदू चैंपियन' के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से लीडिंग रोल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

क्षेत्रीय फिल्मों को भी मिला सम्मान

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों को भी सम्मानित किया गया। 'रायन' को सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म, 'कमेटी कुर्रोल्लू' को सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म, 'लाहरी' को सर्वश्रेष्ठ ओड़िया फिल्म, 'मुक्काम पोस्ट बॉम्बिलवाड़ी' को सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म तथा 'सुनीता' को सर्वश्रेष्ठ मणिपुरी फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं 'कैप्टन मिलर' और 'मेय्याझगन' को स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया।

गैर-फीचर फिल्मों में भी सम्मान

गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में 'भंगार (ऑब्सोलीट)' को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। हिंदी फिल्म 'मैं निदा' को सर्वश्रेष्ठ कला एवं संस्कृति फिल्म तथा 'हमसफर' को सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट फिल्म का सम्मान दिया गया।

1954 में हुई थी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में भारतीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने और विभिन्न भाषाओं की श्रेष्ठ फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रारंभ में इन्हें 'स्टेट अवॉर्ड्स फॉर फिल्म्स' कहा जाता था। पहला पुरस्कार तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्रदान किया था। वर्ष 1968 में इसका नाम बदलकर 'नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स' कर दिया गया।

पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मराठी फिल्म 'श्यामची आई' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, 'महात्मा गांधी' को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री और 'जागृति' को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का सम्मान मिला था। समय के साथ पुरस्कारों की विभिन्न श्रेणियों का विस्तार किया गया और आज यह भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।

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