Fri, 08 07, 2026
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भारत का अनौखा गणेश मंदिर जो साल में खुलता है सिर्फ एक दिन:

गणेश जी की 52 मुद्राओं में 8 वी मुद्रा के दर्शन यही होते हैं

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जोधपुर। भारत में शायद यह एकमात्र गणेश मंदिर है जो पूरे साल में एक दिन गणेश चतुर्थी पर खुलता है। यह मंदिर है मारवाड़ में जहां हजारों लोग दर्शनों के लिए उमड़ते है। पँचतुर्थी के साथ गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। प्रदेश के बड़े मंदिरों में 10 दिनों तक महोत्सव का आयोजन होगा।जोधपुर में स्थित राजस्थान के सबसे अनोखे गणेश मंदिर के दर्शन करा रहे हैं। अनोखा इसलिए, क्योंकि बाकी मंदिरों में भगवान गणेश अपनी दोनों पत्नी रिद्धि और सिद्धि के साथ दर्शन देते हैं। इस मंदिर में वह केवल पत्नी रिद्धि के साथ हैं।
एक खास बात और भी है कि यह मंदिर साल भर बंद रहता है। गणेश चतुर्थी की शाम से इसे महज 12 घंटे के लिए दर्शन के लिए खोला जाता है। दावा किया जाता है कि भगवान गणेश की 52 मुद्राओं में से एक आठवीं मुद्रा के दर्शन यहीं पर होते हैं।
यह मंदिर जोधपुर शहर के किला रोड स्थित सिंघाड़ियों की बारी में स्थित है। मंदिर के अंदर इस तरह की प्रतिमा है। ये प्रतीकात्मक फोटो प्राण प्रतिष्ठा से पहले सामने आया था, इसके बाद यहां पर फोटो खींचने और वीडियो बनाने पर बैन लगा दिया गया। दरअसल, मंदिर 50 साल पुराना है। यहां भगवान अमरनाथ महादेव मंदिर के साथ इसी परिवार में नवग्रह और रावण का मंदिर भी है। 26 साल पहले इसी मंदिर में उच्छिष्ट गणपति के नाम से प्रतिमा को स्थापित किया गया था। इस प्रतिमा को रात के समय ही स्थापित किया गया था, तभी से इस मंदिर को साल में एक बार ही खोला जाता है और वह भी शाम से लेकर अगले दिन सुबह तक। इधर, शहरवासी भी यहां दर्शन के लिए साल भर का इंतजार करते हैं। मंदिर के पंडित कमलेश दवे ने बताया कि इस प्रतिमा को 40 साल पहले बनाया गया था। इस प्रतिमा का निर्माण जयपुर में ब्रह्माशक्ति मूर्ति भंडार में करवाया गया था।

चौदह साल तक नहीं लगाया किसी ने हाथ:

इस प्रतिमा को स्थापित करने से पहले इसे तंत्र विद्या से प्रतिष्ठित किया जाता है इसलिए 14 साल तक इसे किसी ने हाथ नहीं लगाया। ये प्रतिमा उसी दुकान में रही, जहां इसे बनाया गया।
सूत्रों के अनुसार 26 साल पहले पंडित शिवनारायण दवे उर्फ सरदारजी, प. काशीराम, पं. पुखराज दवे, पं. ज्वालाशंकर दवे, पं. महेश जोशी, पं. प्यारेलाल बोहरा, पं. श्रवणदत्त बोहरा ने मिलकर इसे तंत्र विद्या से प्रतिष्ठित किया था।

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