Thu, 08 06, 2026
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अजीबोगरीब मास्साब! विद्यार्थियों से अपने खेत में कटवाई बाजरे की फसल:

शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य को हटाया

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सरदारशहर। तहसील के गांव रूपलीसर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के प्रधानाचार्य ने कक्षा 12वीं के बच्चों को बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक दिलवाने व मजदूरी देने की बात कहकर अपने निजी फॉर्म हाउस पर दो दिन तक बाजारे की फसल कटवाने का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा हैं। जिसको देखते हुए सीबीईओ अशोक पारीक ने प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद शर्मा को स्कूल से हटाते हुए सरदारशहर सीबीईओ कार्यालय में लगाया है। सीबीईओ पारीक ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इनके बारे में विचार किया जाएगा। खेत में काम करवाने का बच्चों के अभिभावकों सहित स्कूल के बच्चों ने धरना जारी रखा। हटाने के आदेश आने के बाद ही स्कूल का ताला खोला गया। सीबीईओ अशोक कुमार पारीक ने इस मामले में जांच करने के लिए उड़सर प्रधानाचार्य इंद्राराम राव व अंजूमन स्कूल के प्रधानाचार्य याकुब खान को जांच करने के लिए भेजा गया है। उसके बाद गांव के पंचायत भवन में बच्चों के साथ बैठकर वन-टू-वन वार्ता कर जांच करते हुए इनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने के बाद कार्रवाई की जाएगी। धरने पर बैठे ग्रामीणों व बच्चों ने कहा कि जब तक प्रिंसिपल को इस स्कूल से नहीं हटाया गया तो ग्रामीणों की ओर से फिर आंदोलन किया जाएगा। स्टूडेंट्स ने बताया कि प्रधानाचार्य सर ने कहा था कि हमारे खेत में बाजरे की फसल काटनी है। आपको बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक मिलेंगे। काम के अनुसार मजदूरी भी देंगे। एक दिन काम किया, लेकिन कुछ नहीं दिया। बोले दूसरे दिन देंगे। अभी तक प्रिंसिपल ने कुछ नहीं दिया। सर ने बोला कि फॉर्म हाउस में काम करने की बात घर में नहीं बतानी है। यह बात होने के बाद मामला बढ गया था।

स्कूल की टेबल कुर्सी, अलमारी सहित अन्य समान बेचने का आरोप:

ग्रामीणों ने बताया कि यह प्रधानाचार्य भष्ट्राचार में लिप्त है। स्कूल से पुरानी टेबल, कुर्सी, लोहे की अलमारी सहित अन्य किमती सम्मान बेच चुके है। ग्रामीणों की ओर से बार-बार अवगत करवाने के बाद भी कोई स्कूल का बेचे हुए सम्मान का हिसाब सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया। इस मामले से पहले भी कई बार प्रधानाचार्य के साथ ग्रामीणों की नोक-झोक हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह संस्था प्रधान पैसे के प्रति बहुत ही लालची है। मजदूर को मजदूरी नहीं देते हैं। इनके घर में तीन-तीन सरकारी नौकरी में है। एक महिने में तीन लाख रूपयों की आते है। फिर भी स्कूल के बच्चों से खेत में काम करवाना गलत है। प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद शर्मा ने कहा कि बच्चें की मेरे साथ भावना जुड़ी हुई थी। इसलिए मेरे फॉर्म हाउस में काम किया था। बाजरे की फसल से सीट्टे तोड़े और कड़बी काटी गई। अब बच्चे नाराज है तो उनको मना लूंगा। उनका जो भी बनता है वो दे दूंगा। इससे पहले मैंने पहले कभी बच्चों से काम नहीं करवाया। अब हमारे विभाग जो भी कार्रवाई करेगा मुझे स्वीकार है। सरपंच श्यामलाल देग ने बताया कि हमारे गांव ने सोचा कि गांव का प्रधानाचार्य बाड़मेर लगा हुआ है। अगर वो यहां होंगे तो सुधार करेंगे। ग्रामीणों की मांग पर इनको गांव की स्कूल में लाए। अब स्कूल का माहौल खराब कर दिया है।

पहले भी बच्चे कटा चुके है टीसी:

ग्रामीणों ने बताया कि यह प्रधानाचार्य बहुत ही लालची व्यक्ति है। छोटी-छोटी सामग्री में कमीशन लेने की आदत है। स्टूडेंट्स ने बताया कि छात्र कोष में खेल के पैसे आते है वो हमारे को नहीं मिलते है। सर की स्कूल स्टाफ के साथ भी बिल्कुल तालमेल नहीं है। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि प्रिंसिपल जहां पर भी रहा है। इसका कार्यकाल सही नहीं रहा। जिसके कारण इनको लंबे समय तक बाड़मेर, जैसलमेर में नौकरी करनी पड़ी। अब वापस लाए पढ़ाई की जगह अपने फॉर्म हाउस में बच्चों से बाल श्रम करवाता है।

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