Thu, 08 06, 2026
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हरिद्वार में संतों की बैठक, श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर बड़ा ऐलान:

श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर संत समाज का बड़ा ऐलान, कांवड़ मेले के बाद कार सेवा की होगी घोषणा

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हरिद्वार। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा को लेकर संत समाज ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा है कि कांवड़ मेला समाप्त होने के बाद कार सेवा की तिथि की घोषणा की जाएगी। उन्होंने देशभर के संतों और श्रद्धालुओं से "चलो मथुरा चलें" का आह्वान भी किया।

मंगलवार को हरिद्वार स्थित निरंजनी अखाड़े में हुई संतों की बैठक के बाद रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि जिस तरह अयोध्या में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचे थे, उसी प्रकार अब मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उनका कहना है कि कार सेवा में देशभर के संत, महंत और श्रद्धालु शामिल होंगे।

रविंद्रपुरी महाराज ने यह भी कहा कि कार सेवा में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ संतों का अभियान नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की भावना है।

श्री चित्रगुप्त पीठ, वृंदावन-मथुरा के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले कांवड़ मेले के समापन के बाद अखाड़ा परिषद के साथ विचार-विमर्श कर कार सेवा की तिथि घोषित की जाएगी।

वहीं, काली सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने भी इस अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार 9 अगस्त से पहले श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण को लेकर कोई निर्णय लेती है तो कार सेवा की आवश्यकता नहीं होगी। अन्यथा संत समाज प्रतीकात्मक कार सेवा के माध्यम से अपनी मांग को आगे बढ़ाएगा।

फिलहाल श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर संत समाज की इस घोषणा के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार सेवा की तिथि और आगे की रणनीति कांवड़ मेले के बाद घोषित किए जाने की संभावना है।

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