Thu, 08 06, 2026
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यूपी में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ी आस्था: प्रेमानंद महाराज ने दिए राधारानी स्वरूप में दर्शन, योगी ने गुरु को किया नमन:

काशी में मुस्लिमों ने संत की आरती उतारी

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उत्तर प्रदेश में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मथुरा, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गुरु पूजन, सत्संग, भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु

मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज ने अपने शिष्यों को राधारानी स्वरूप में दर्शन दिए। इस अवसर पर शिष्यों ने उनके स्वागत के लिए लगभग 50 मीटर तक रास्ते में फूलों की पंखुड़ियां बिछाईं और दंडवत प्रणाम कर आरती उतारी। प्रेमानंद महाराज ने करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए गुरु-भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक जीवन का महत्व बताया।

सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में की पूजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर महायोगी गुरु गोरखनाथ की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और गुरु परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

अयोध्या में 2 लाख से अधिक श्रद्धालु

रामनगरी अयोध्या में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करीब 100 मंदिरों को आकर्षक फूलों से सजाया गया। सुबह से श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान कर मंदिरों में दर्शन-पूजन किए। प्रशासन के अनुसार, दिनभर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान रहा।

वाराणसी में मुस्लिम समाज ने उतारी आरती

वाराणसी में जगद्गुरु बाबा बालक दास का मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरती उतारकर सम्मान किया और उनका आशीर्वाद लिया। वहीं गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ स्नान और पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी रही।

प्रयागराज में निकली गुरु वंदना यात्रा

प्रयागराज में सनातनी किन्नर अखाड़े की ओर से भव्य गुरु वंदना यात्रा निकाली गई। आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि रथ पर सवार रहीं, जबकि किन्नर समुदाय के लोगों ने भजनों पर नृत्य करते हुए यात्रा को भक्तिमय बना दिया।

600 किलोमीटर दूर से पहुंची श्रद्धालु

छत्तीसगढ़ की एक महिला अपने परिवार और गोद में लड्डू गोपाल को लेकर लगभग 600 किलोमीटर की यात्रा कर प्रयागराज पहुंची। संगम में स्नान के बाद उन्होंने कहा कि लड्डू गोपाल के घर आने के बाद उनके जीवन में सुख और समृद्धि आई है।

गोवर्धन में संतों ने निभाई परंपरा

मथुरा के गोवर्धन में गौड़ीय संप्रदाय के संतों ने अपने गुरु सनातन गोस्वामी की स्मृति में सिर मुंडवाकर परिक्रमा की और गुरु परंपरा का निर्वहन किया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशभर के मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर दिनभर गुरु पूजन, सत्संग, भजन-कीर्तन और महाप्रसादी के आयोजन होते रहे। श्रद्धालुओं ने गुरुजनों का आशीर्वाद लेकर समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक जीवन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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