Thu, 08 06, 2026
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स्पेन बना फुटबॉल का नया विश्व विजेता:

16 साल बाद जीता फीफा वर्ल्ड कप, एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया; फेरन टोरेस बने हीरो

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स्पोर्ट्स डेस्क। स्पेन ने 16 साल बाद एक बार फिर फीफा फुटबॉल विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया। स्पेन के लिए निर्णायक गोल फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में किया।

स्पेन ने इससे पहले वर्ष 2010 में पहली बार विश्व कप का खिताब जीता था। अब 16 वर्षों के इंतजार के बाद टीम ने फिर से फुटबॉल की सबसे बड़ी ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

105 मिनट तक दीवार बने रहे मार्टिनेज

पूरे मुकाबले में स्पेन ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने एक के बाद एक शानदार बचाव कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। लामिन यमाल, पेड्री, निको विलियम्स और ओयारजाबाल के कई प्रयास उन्होंने नाकाम किए।

हालांकि 106वें मिनट में निको विलियम्स के हेडर से मिली गेंद को फेरन टोरेस ने गोल में बदलकर स्पेन को बढ़त दिला दी, जो अंत तक निर्णायक साबित हुई।

एंजो के रेड कार्ड ने बदला मैच

निर्धारित 90 मिनट तक अर्जेंटीना ने स्पेन को गोल नहीं करने दिया, लेकिन इंजरी टाइम में एंजो फर्नांडेज को दूसरा यलो कार्ड मिलने के बाद रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई और स्पेन ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।

यमाल रहे छाए, मेसी नहीं दिखा सके कमाल

फाइनल को दो पीढ़ियों की टक्कर के रूप में देखा जा रहा था। एक ओर अनुभवी लियोनेल मेसी, तो दूसरी ओर युवा स्टार लामिन यमाल थे। स्पेन की मजबूत मिडफील्ड और डिफेंस ने मेसी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया, जबकि यमाल लगातार अर्जेंटीना के डिफेंस पर दबाव बनाते रहे।

टिकी-टका फुटबॉल से रचा इतिहास

स्पेन ने अपनी पारंपरिक टिकी-टका शैली में लगभग पूरे मैच में गेंद पर कब्जा बनाए रखा। कप्तान रोड्री ने मिडफील्ड से खेल को नियंत्रित किया और अर्जेंटीना को काउंटर अटैक का अवसर नहीं दिया।

मैच के बाद जश्न और हल्की नोकझोंक

रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही स्पेनिश खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए। वहीं अर्जेंटीना के खिलाड़ियों में निराशा साफ दिखाई दी। मैच समाप्त होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, जिसे अधिकारियों ने तुरंत शांत करा दिया।

एम्बाप्पे ने जीता गोल्डन बूट

फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट अपने नाम किया। वहीं लियोनेल मेसी 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

स्पेन का शानदार सफर

स्पेन ने टूर्नामेंट की शुरुआत ड्रॉ से की थी, लेकिन इसके बाद टीम ने लगातार जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम, फ्रांस और अंत में अर्जेंटीना को हराकर विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। यह जीत स्पेन के मजबूत फुटबॉल ढांचे, युवा प्रतिभाओं और अनुशासित खेल शैली का शानदार उदाहरण मानी जा रही है।

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