28 वर्षीय झंडू कुमार ने ग्रुप-बी में पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाकर बर्मिंघम 2022 का गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन ब्रॉन्ज मेडल जीतने के लिए पर्याप्त रहा। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल जीता। बिहार के नालंदा जिले के हरनौत निवासी झंडू कुमार बचपन से पोलियो से प्रभावित हैं। परिवार की आर्थिक मदद के लिए उन्होंने पिता के साथ सड़क किनारे सब्जियां बेचीं और कोविड-19 के दौरान ई-रिक्शा चलाकर जीविका चलाई। आज वही खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतकर प्रेरणा बन गए हैं। साल 2023 में नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए झंडू कुमार ने अपना ई-रिक्शा तक बेच दिया था। हालांकि पहली प्रतियोगिता में वे कोई सफल लिफ्ट नहीं लगा सके, लेकिन उनकी प्रतिभा पर पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी। इसके बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) सेंटर में प्रशिक्षण मिला और उनका करियर नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया। 2017 में पैरा एथलेटिक्स से खेल करियर शुरू करने वाले झंडू ने बाद में पावरलिफ्टिंग को चुना। वे राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके हैं और वर्ल्ड कप तथा एशियन-ओशिनिया चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। अब उनका लक्ष्य लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक में पदक जीतना है। पुरुष 55 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में जादुमणि सिंह ने स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन को 5-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में प्रवेश किया। वहीं लॉन बॉल्स के पुरुष सिंगल्स में पुतुल सोनोवाल ने फॉकलैंड आइलैंड्स के सेसिल अलेक्जेंडर को हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। पैरा पावरलिफ्टिंग में सुधीर छठे स्थान पर रहे, जबकि महिला हेवीवेट वर्ग में कस्तूरी राजामणि कोई सफल लिफ्ट दर्ज नहीं कर सकीं। जिम्नास्टिक्स में भारतीय पुरुष टीम सातवें स्थान पर रही, जबकि स्विमिंग में श्रीहरि नटराज और पैरा तैराक कार्तिक बुडिगिना तथा अली इमाम पदक से चूक गए।स्पोर्ट्स डेस्क। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अपना पहला पदक जीत लिया है। बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का खाता खोला। उन्होंने 190 किलोग्राम की सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए। वहीं बॉक्सिंग में जादुमणि सिंह और लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल ने भी जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई।
190 किलोग्राम की लिफ्ट से जीता कांस्य पदक
सब्जियां बेचने और ई-रिक्शा चलाने से कॉमनवेल्थ पदक तक का सफर
ई-रिक्शा बेचकर खेली नेशनल चैंपियनशिप
अब लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक पर नजर
बॉक्सिंग और लॉन बॉल्स में भी भारत का शानदार प्रदर्शन
अन्य स्पर्धाओं में मिला-जुला प्रदर्शन
विदेश
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का खाता खुला, पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने जीता ब्रॉन्ज:
190 किलोग्राम की शानदार लिफ्ट से दिलाया पहला पदक, बॉक्सिंग में जादुमणि और लॉन बॉल्स में पुतुल ने भी दर्ज की जीत
- by रितेश पारीक
- Jul 25,2026
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