Thu, 08 06, 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दूसरा पदक, ऋषिकांत सिंह ने जीता सिल्वर:

60 किग्रा वेटलिफ्टिंग वर्ग में 264 किग्रा वजन उठाकर दिलाया रजत पदक, भारत के खाते में अब एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज

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ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को चौथे दिन दूसरा पदक मिला। ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया।

ऋषिकांत ने स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम वजन उठाया। मलेशिया के अनिक कसदान ने कुल 266 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि केन्या के मबोया ने 260 किलोग्राम वजन के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

इससे पहले भारत को पहला पदक झंडू कुमार ने पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य के रूप में दिलाया था। अब भारत के खाते में एक रजत और एक कांस्य पदक हैं और टीम पदक तालिका में 10वें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 12 स्वर्ण सहित 23 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।

दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली सफलता

यह ऋषिकांत सिंह का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस बार उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में उतरते हुए शानदार प्रदर्शन कर पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक अपने नाम किया। वह मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के भी चैंपियन हैं।

मणिपुर से शुरू हुआ सफर

मणिपुर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव एवं उनके शुरुआती कोच ब्रोजेंद्रो सिंह के अनुसार ऋषिकांत ने वर्ष 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। बाद में उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में हुआ। इसके बाद वह भारतीय नौसेना और फिर भारतीय सेना के खेल तंत्र से जुड़े। ऋषिकांत मणिपुर के इंफाल वेस्ट के निवासी हैं।

अब मीराबाई चानू और एम. राजा पर नजर

वेटलिफ्टिंग में भारत की पदक उम्मीदें अभी बरकरार हैं। मीराबाई चानू महिला 49 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी, जबकि एम. राजा पुरुष 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उतरेंगे।

वहीं लॉन बॉल्स, जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग और बॉक्सिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन और पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं।

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