Thu, 08 06, 2026
देश

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मेडल जीतकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों का भव्य स्वागत:

दिल्ली एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों और तिरंगे के साथ हुआ अभिनंदन, अब एशियन गेम्स पर नजर

post-img

नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA), विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारी, कोच, परिजन और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।

ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और तिरंगे के साथ खिलाड़ियों का जोरदार अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों ने इस सफलता का श्रेय टीमवर्क, कड़ी मेहनत और बेहतर तैयारी को देते हुए कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में भारत के लिए और अधिक पदक जीतना है।

बॉक्सिंग में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए सबसे सफल खेल बॉक्सिंग रहा। भारतीय दल के 14 मुक्केबाजों में से 10 खिलाड़ियों ने पदक जीते। इनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल हैं। इस बार भारत का मेडल कन्वर्जन रेट 71 प्रतिशत रहा, जो बर्मिंघम 2022 के 58 प्रतिशत से बेहतर है।

साक्षी चौधरी बोलीं- सपना हुआ साकार

महिला 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली साक्षी चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का इस तरह स्वागत होना गर्व की बात है। साक्षी ने कहा कि अब पूरी टीम का लक्ष्य एशियन गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन करना है।

प्रिया घनघस ने गोल्ड को बताया करियर का सबसे बड़ा पल

स्वर्ण पदक विजेता प्रिया घनघस ने कहा कि यह उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना गर्व का क्षण है और अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स में भी भारत को स्वर्ण दिलाने पर रहेगा।

जैस्मिन लंबोरिया ने जताई खुशी

बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने कहा कि परिवार और कोच की मौजूदगी में मिला यह सम्मान बेहद खास है। उन्होंने कहा कि भविष्य की प्रतियोगिताओं में भी वह भारत के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने का प्रयास करेंगी।

नरेंद्र बेरवाल बोले- एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का लक्ष्य

हेवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल, जिन्होंने रजत पदक जीता, ने कहा कि यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था। उन्होंने पूरी तैयारी की थी, लेकिन स्वर्ण पदक से चूक गए। अब दो महीने बाद होने वाले एशियन गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य है।

भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने देश का गौरव बढ़ाया है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि कॉमनवेल्थ गेम्स की यह सफलता एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी जारी रहेगी।

Related Post