प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। अब प्रदेश के चारों टाइगर रिजर्व में पर्यटक टाइगर सफारी का लुत्फ उठा सकते है। पूर्व में रणथम्भौर के अतिरिक्त अलवर के सरिस्का व बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में ही पर्यटकों के लिए टाइगर सफारी की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब वन विभाग व सरकार की ओर से कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में भी सफारी को शुरू कर दिया गया है। मुकुदरा में सफारी की शुरूआत होने के साथ ही प्रदेश भर में रणथम्भौर के आसपास एक वाइल्ड लाइफ ट्यूरिज्म सर्किट भी विकसित हो गया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सोमवार से पहली बार पर्यटकों के लिए सफारी को शुरू किया गया है। टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में सावन भादो टूरिज्म रूट में 21 किमी क्षेत्र में जिप्सी सफारी शुरू हुई।
दो पारियों में हो रही
वनाधिकारियों ने बताया कि रणथम्भौर की तर्ज पर मुकुंदरा में भी पर्यटकों को प्रतिदिन दो पारियों में पार्क भ्रमण पर भेजा जा रहा है। सुबह की पारी में साढ़े 6 बजे से साढ़े 9 बजे तक और दोपहर की पारी में दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक पर्यटकों को पार्क भ्रमण कराया जा रहा है। अभी मुकुंदरा में पर्यटन के लिहाज के केवल एक ही जिप्सी का पर्यटन वाहन का पंजीयन हुआ है। ऐसे में अभी एक पारी में केवल छह पर्यटकों और दोनों पारियों को मिलाकर एक दिन में कुल 12 पर्यटक ही पार्क भ्रमण पर जा रहे हैं। हालांकि वन विभाग की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन वाहनों का पंजीयन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
साढ़े चार हजार में हो रही एक जिप्सी
वनाधिकारियों ने बताया कि जिप्सी की बुकिंग के लिए 6 पर्यटकों को कुल 4 हजार 508 रुपए देने होंगे। प्रति व्यक्ति एंट्री फीस 137 रुपए रखी गई है। जिप्सी किराया 615 रुपए प्रति व्यक्ति है, यानी एक व्यक्ति को रिजर्व में घूमने के लिए कुल 752 रुपए देने पड़ेंगे। फिलहाल एक ही जिप्सी रजिस्टर्ड होने से पूरी जिप्सी की बुकिंग करवानी पड़ेगी। गौरतलब है कि मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की स्थापना अप्रेल 2023 में हुई थी। ये टाइगर रिजर्व चार जिलों कोटा, बूंदी, झालावाड़ और चित्तौडगढ़ में फैला हुआ है। वर्तमान में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एक बाघ व एक बाघिन ही है।
