देश के प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत भानपुर कलां में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन लगातार उदासीन बना हुआ है। प्रशासन की उदासीनता के चलते नगर में स्वच्छता को ग्रहण लगा हुआ है। नियमित सफाई नहीं होती, नालियों की सफाई के बाद कचरा वहीं पर रख दिया जाता है, इसे दूर नहीं फिकवाया जाता, जिससे जगह-जगह कचरा के ढेर लग जाते हैं। कुछ दिन बाद यही कचरा फिर नालियों में चला जाता है। कचरा का ढेर लगा है। जिसको मवेशी खा रहे हैं, कचरे में शामिल पाॅलिथीन को खाकर मवेशी बीमार भी हो रहे हैं। कई बार पॉलिथीन खाने से मवेशियों की मौत भी हो जाती है। इन मूक प्राणियों के स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार जरा भी गंभीर नहीं हैं। आने जाने वाले राहगीरों को इस कचरे के ढेर से बचकर निकलना पड़ रहा है। देश के प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान चला रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर दिन सफाई होनी चाहिए। लेकिन जगह जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जबकि यह स्वच्छता सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह जाती है। धरातल पर इसका कोई असर दिखाई नही देता।
कस्बा निवासी कालूराम शर्मा, लोकेश सिंह आदि ने बताया कि कस्बा में स्थानीय प्रशासन द्वारा कचरा पात्र नहीं रखे जाने से कचरा इधर उधर बिखरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि कस्बा में नवयुवक मंडल भवन के पास स्कूल खेल मैदान पर सड़क के दोनों ओर, बस स्टैंड शौचालय के पास, मुख्य बाजार में पंचायत की खाली जमीन पर, तिराहे पर शौचालय के आसपास कचरा बिखरा हुआ देखा जा सकता है। कस्बे में गली मोहल्लों की नालियां भी कचरे से अटी होने गन्दा पानी सड़क पर बहता रहता है। जिससे आसपास के निवासियों व गुजरने वाले लोगों को बीमारियां फैलने का भय भी बना रहता है। हालांकि स्थानीय प्रशासन द्वारा 2 अक्टूबर को स्कूल खेल मैदान व अन्य स्थानों पर फैले कचरे की आधी अधूरी सफाई करवाकर इतिश्री कर ली गई। लेकिन नालियों को सफाई नहीं की गई। जिसके चलते सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ती नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि कचरे से अटी पड़ी नालियों एवं बिखर रहे कचरा के बारे में स्थानीय प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों ने स्थानीय प्रशासन से कचरा का निस्तारण के लिए कचरा पात्र बनाने व नालियों की नियमित सफाई करवाने की मांग की है।
