Thu, 08 06, 2026
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यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा को भीलवाड़ा में विरोध का सामना, लोगों ने दी जयपुर आवास पर धरने की चेतावनी:

फॉलोअप शिविर के निरीक्षण के दौरान लोगों ने घेरा

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भीलवाड़ा। शहरी विकास एवं आवासन (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा को शुक्रवार को भीलवाड़ा में शहरी सेवा कैंप के फॉलोअप शिविर के निरीक्षण के दौरान लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। यूआईटी कार्यालय पहुंचे मंत्री के समक्ष लोगों ने तीन महीने से यूआईटी सचिव का पद खाली होने और विकास कार्य प्रभावित होने की शिकायत रखी।

मंत्री के जवाब पर नाराज हुए लोग

शिकायत के दौरान लोगों ने कहा कि यूआईटी में सचिव नहीं होने से आमजन के कार्य अटके हुए हैं। इस पर मंत्री ने कहा, "अरे भाया, थांका राज में 12-12 महीना कोनी लागता।" मंत्री के इस जवाब से नाराज लोगों ने चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे जयपुर स्थित उनके आवास के बाहर धरना देंगे।

यूआईटी कार्यालय के बाहर नारेबाजी

मंत्री के यूआईटी पहुंचने पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और शहरवासी एकत्रित हो गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पिछले तीन महीने से यूआईटी बिना सचिव के संचालित हो रही है, जिससे आमजन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

लोगों ने रखीं ये प्रमुख शिकायतें

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि पट्टे जारी नहीं हो रहे, स्व-मोटो लेआउट तैयार नहीं किए जा रहे और लोगों को बार-बार यूआईटी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एक पीड़ित अशोक जैन ने बताया कि उन्होंने यूआईटी की नीलामी में 96 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा था, लेकिन अब तक कब्जा नहीं मिला। वहीं 3081 प्लॉटों की लॉटरी से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं और रिफंड में देरी की शिकायतें सामने आईं।

'सचिव की नियुक्ति मुख्यमंत्री का विषय'

मीडिया से बातचीत में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि यूआईटी में सचिव की नियुक्ति मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री से जल्द सचिव नियुक्त करने का आग्रह करेंगे। यूआईटी लॉटरी विवाद से जुड़े अधिशासी अभियंता की नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही।

निकाय चुनाव समय पर कराने का दावा

निकाय चुनावों को लेकर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चुनाव समय पर और निष्पक्ष कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपने-अपने हलफनामे प्रस्तुत कर दिए हैं। सरकार की ओर से सीमा विस्तार, पुनर्गठन और वार्ड परिसीमन का कार्य पूरा किया जा चुका है।

'ट्रिपल टेस्ट' के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ओबीसी आरक्षण के लिए 'ट्रिपल टेस्ट' की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अगस्त माह तक प्रमाणित आंकड़े सरकार को सौंप देगा। इसके बाद राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर आरक्षण संबंधी रिपोर्ट तैयार कर राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव की तारीख घोषित करना राज्य निर्वाचन आयोग का अधिकार है, जबकि सरकार आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएगी।

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