शाहपुरा में बंदरों का उत्पात शहरवासियों के लिए नासूर बन चुका है। उत्पाती बंदरों ने शहरवासियों का सूख-चैन छीन रखा है। शाहपुरा सहित आसपास के गांवों में पिछले छह माह से 300 से अधिक लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से तो शाहपुरा शहर में रोजाना बंदरों का हमला होना आम बात हो गई। लोग बाजार-घर में बंदरों के हमले को लेकर आशंकित रहते है। पिछले कई महीनों से बंदरों के हमले की घटनाएं रोजाना सामने आ रही है। लोगों को राहत दिलाने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने बंदर पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। जिसके तहत अब तक 230 बंदरों को पकड़ा जा चुका है।
जानकारी के अनुसार शाहपुरा नगरपालिका क्षेत्र में काफी तादाद में बंदर हो गए। ये उत्पाती और खूंखार हो गए कि भगाने पर काटने को दौड़ते है। छोटे बच्चों का अकेले घर से निकलना मुश्किल है। छतों पर सूखने के लिए छोड़े गए कपड़ों को फाड़ देते हैं। वहीं घर का दरवाजा या खिड़की खुली मिल जाए तो सामान बिखर देते है। लोगों ने बताया कि बंदर फ्रीज खोलकर सब्जियां, फल और अन्य सामानों को ले जाते हैं।
आसपास के गांवों तक के लोग परेशान : बुजुर्ग श्रीभगवान टेलर, सत्यनारायण गोयल, रमेशचंद, सुनील कुमार, विष्णु ने बताया शाहपुरा से तीन किलोमीटर दूर संजय वन है। यहां हजारों की संख्या में बंदर हैं। यहां से शाहपुरा सहित आसपास के गांवों तक बंदरों का आंतक फैला हुआ है।
