विधानसभा चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मी नारायण मंत्री ने आवश्यक सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आवश्यक सेवाओं वाले कार्मिकों के लिए डाक मतपत्र एक विकल्प है, यह कोई बाध्यता नहीं है। संबंधित विभागीय अधिकारियों को डाक मतपत्र के लिए निर्धारित प्रारूप 12-डी उपलब्ध करवाया गया। उन्होंने आवश्यक सेवाओं वाले विभागीय अधिकारियों को अपने विभाग में डाक मतपत्र के लिए तीन दिन में नोडल अधिकारी नियुक्त करने और कर्मचारियों को फॉर्म 12-डी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि चार नवम्बर तक सभी संबंधित विभाग फॉर्म 12-डी भरकर जिला निर्वाचन कार्यालय में भिजवा दें। यहां से संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को फॉर्म भिजवाए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी यह भी कहा कि एक बार जिस कर्मचारी को पोस्टल बैलेट जारी हो गया, तो संबंधित कर्मचारी पोलिंग बूथ पर जाकर वोट नहीं डाल सकेगा। पोस्टल बैलेट जारी होने वाले कर्मचारी को पोस्टल बैलेट से ही मतदान करना होगा।
सही तरीके से भरनी होंगी जानकारी
डाक मतपत्र के लिए आवश्यक जानकारियां सही भरनी होंगी। मतदान केंद्र, बीएलओ, ईपिक नंबर आदि जानकारियों के लिए वोटर हेल्पलाइन एप की भी मदद ले सकते हैं। पोस्टल बैलेट प्रकोष्ठ प्रभारी हितेश जोशी को 15 नवम्बर तक सभी पोस्टल बैलेट जारी करवाने के निर्देश दिए। 19, 20 और 21 नवम्बर को संबंधित रिटर्निंग अधिकारी मुख्यालय पर फेसिलिटेशन सेंटर पर जाकर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनुपस्थित मतदाता पोस्टल बैलेट से वोट डाल सकते हैं।
पहली बार दी जा रही सुविधा
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमेन्द्र नागर ने भी विभिन्न जानकारियां दी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ और एम्बुलेंस सेवा, अग्निशमन सेवाएं, जयपुर मेट्रो, बिजली विभाग में इलेक्ट्रीशियन, लाइन मैन, पीएचईडी में पम्प ऑपरेटर, टर्नर, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत मीडिया कर्मी, दूध आपूर्ति सेवा में लगे कार्मिकों की कार्य की प्रकृति को देखते हुए पहली बार भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव-2023 डाक मतपत्र की सुविधा दी जा रही है।
